आगरालीक्स… आगरा से कई राज्यों में फर्जी फॉर्म छापकर करोड़ों की टैक्स चोरी का रैकेट चल रहा था। वाणिज्य कर विभाग ने फर्म संचालक सहित दो के खिलाफ मुकदमा कराया है। रैकेट कई राज्यों में फैला हुआ है।
इस मामले में वाणिज्य कर विभाग (राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग) के सहायक आयुक्त द्वय विनय गुप्ता और सुनील कुमार ने थाना न्यू आगरा में पारस ट्रेडर्स के संचालक अंकित जैन और उसके रिश्तेदार अंशुल जैन के खिलाफ वैट आदि के फर्जी फॉर्म छापने और कर चोरी करने का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एक मार्च को मारा था छापा
एक मार्च को लखनऊ मुख्यालय से मिली सूचना के आधार पर वाणिज्य कर विभाग की स्थानीय टीम ने कमला नगर स्थित 45, त्रिवेणी नगर में पारस ट्रेडर्स पर छापा मारा। फर्म स्वामी अंकित जैन का मौसेरा भाई अंशुल जैन मिला। टीम को तलाशी में वैट के समय के विभिन्न फॉर्म, फॉर्म-38, फार्म-सी, एफ व एच आदि मिले। एक कंप्यूटर, सीपीयू और प्रिंटर भी मिला। जांच के दौरान ये फॉर्म फर्जी पाए गए। पता चला कि ये फॉर्म यहीं पर कंप्यूटर से तैयार किए गए हैं। लखनऊ से आए साइबर एक्सपर्ट ने कंप्यूटर की जांच की। इसमें तमाम ऐसे सबूत मिले जिससे अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। सीपीयू में फोटोशॉप द्वारा विभिन्न प्रांतों के फर्जी फॉर्म फीड मिले। जिन फर्म को फर्जी फॉर्म जारी किए गए थे, उनका भी रिकॉर्ड जांच टीम को मिला। वाणिज्य कर विभाग के एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-1 संपूर्णानंद पांडेय ने मीडिया को बताया कि पारस ट्रेडर्स पर फर्जी फॉर्म के जरिए कर चोरी का मामला दर्ज कराया है।