आगरालीक्स …आगरा में अपने सगे भाई भाभी सहित चार बच्चों की हत्या के आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई है। दिल दहला देनी वाली घटना के पीछे एक बीघा जमीन का विवाद था, मुकदमे में नामजद सगी बहन को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है। वारदात के एक आरोपित का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। सोमवार को अदालत ने गंभीर सिंह को इस जघन्य हत्याकांड के लिए दोषी पाया। उसे मृत्युदंड (हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद) की सजा सुनाई।
नौ मई 2012 को अछनेरा-भरतपुर मार्ग स्थित गाँव तुरकिया में एक बीघा जमीन के लिए गंभीर ने अपने सगे भाई 32 वर्षीय सत्यभान अपनी पत्नी पुष्पा, बेटी आरती (05), मछला (03), गुड़िया (02) व बेटे कन्हैया (04) की कुल्हाड़ी और चाकू से काट डाला था।
फौज में हवलदार रहे शिव सिंह ने दो शादियां की थीं। दूसरी पत्नी मुन्नी देवी से पाँच बच्चे हुए थे। तीन बेटे सत्यभान, गंभीर, कान्हा और बेटियां रेखा और गायत्री। 32 वर्षीय सत्यभान अपनी पत्नी पुष्पा, बेटी आरती (05), मछला (03), गुड़िया (02) व बेटे कन्हैया (04) के साथ गांव में रहता था। शिव सिंह के पास चार बीघा जमीन थी। सौतेला बेटे को मिलाकर उसने चारों बेटों के हिस्से एक-एक बीघा जमीन आ रही थी परंतु बंटवारा नहीं हुआ था। छोटे भाई गंभीर ने अपने हिस्से की एक बीघा जमीन के लिए सत्यभान के परिवार को मौत के घाट उतारा था। सात मई को गंभीर अपने मित्र अभिषेक (गया, विहार) के साथ गाँव पहुंचा था। वह अपने हिस्से की जमीन के पैसे सत्यभान से माँग रहा था। इस बात पर सत्यभान और उसके बीच विवाद हुआ था। वह पहले से इस इरादे से आया था कि पैसा नहीं मिला तो खून की होली खेलेगा। कुल्हाड़ी और चाकू उसने पहले ही छिपा दिए थे। सत्यभान और उसकी पत्नी पुष्पा अलग-अलग कमरों में दो-दो बच्चों के साथ सो रहे थे। गंभीर और अभिषेक ने एक-एक करके सभी को कुल्हाड़ी और चाकू से काट डाला था।
बहन पर भी थे आरोप
बहन गायत्री पिछले कई दिनों से सत्यभान के घर रह रही थी। हत्याकांड के समय गंभीर ने उसे गुटखा लेने के लिए भेज दिया। वह वापस लौटी तो उसे घर में नहीं घुसने दिया। जबरन अपने साथ लेकर भाग लिया था। गायत्री को गाँव से रोते हुए जाते गांव वालों ने देखा था। हत्याकांड आठ मई की दोपहर को हुआ था। जानकारी नौ मई की सुबह हुई थी। पुलिस ने हत्याकांड के बाद भागे गंभीर को ईदगाह रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा था। उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और चाकू भी बरामद किया गया था। सोमवार को अदालत ने गंभीर सिंह को इस जघन्य हत्याकांड के लिए दोषी पाया। उसे मृत्युदंड (हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद) की सजा सुनाई।
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