आगरालीक्स ….आगरा के दयालबाग एजूकेशन इंस्टीटयूट डीईआई की रिसर्च स्कॉलर छात्रा की रेप के बाद हत्या के आरोपी उदय स्वरूप को आठ साल बाद मिली जमानत, 55 गवाहों का हो चुका है परीक्षण, छात्रा के पिता बोले सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
आगरा के डीईआई में 15 मार्च 2013 की रात में डीईआई के नैनो बायोटेक्नोलॉजी लैब में दुष्कर्म के बाद शोध छात्रा की पेपर कटर से शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी, शोध छात्रा की कार डीईआई के बाहर कुछ दूरी पर मिली थी, छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया था। इस मामले में 37 दिन बाद पुलिस ने राहित यादव को चश्मदीद बताते हुए डीईआई के बीएससी के छात्र उदय स्वरूप और लैब टेक्नीशियन यशवीर संधू को अरेस्ट कर लिया था, चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी, 10 जुलाई 2014 को मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।
डीएनए से हुई पुष्टि
सीबीआई ने जांच में लैब टेक्नीशियन यशवीर संधू को क्लीन चिट दे दी थी, सीबीआई ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया और उदय स्वरूप को आरोपित बनाया।
सशर्त मिली जमानत
12 मई 2016 से उदय स्वरूप जिला जेल में निरुदृध है, इस मामले में हाईकोर्ट ने गुरुवार को उदय स्वरूप को सशर्त जमानत दे दी गई। कोर्ट ने व्यक्तिगत मुचलके,दो प्रतिभूति लेकर उसे रिहा करने के आदेश दिए हैं, कोर्ट ने कहा है कि मुकदमे के ट्रायल में अभियोजन के 55 गवाहों का परीक्षण किया जा चुका है, अब गवाहों के साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की आशंका नहीं है, याची कुछ समय तक जमानत पर था लेकिन उसने दुरुपयोग नहीं किया।