आगरालीक्स…. आगरा में गूंजा, नदियां जीवनदायनी हैं। इनका संरक्षण किया जाए।
आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश भर में मनाये जा रहे आज़ादी के अमृत महोत्सव नदियों के संरक्षण पर ज़ोर देने के उपलक्ष्य में देशभर में १ नवंबर से ३ नवंबर तक गंगा उत्सव – एक नदी त्यौहार का आयोजन किया जा रहा है।
दयालबाग शिक्षण संस्थान के कंपनी कमांडर लेफ्टीनेंट मनीष कुमार ने बताया की इन उद्देश्यों को मूर्तिरूप देने के लिये वन यू पी बटालियन एन सी सी आगरा, और दयालबाग शिक्षण संस्थान की एन सी सी इकाइयों ने दयालबाग स्थित पोइयाघाट पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर क्षेत्रीय जन मानस को यमुना नदी को साफ रखने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम का आगाज वन यू पी बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल अजय मिश्रा ने कैडेट्स को स्वच्छता की शपथ दिला कर किया अपने उद्धबोधन में उन्होंने कैडेट्स से प्रण लिया कि सभी कैडेट्स इस अतिमहत्वपूर्ण मिशन में अपने साथ कम से कम १० लोगों को जोड़ेंगे और यह कार्य अपने घर से शुरू करेंगे। तदुपरांत कैडेट्स ने नुक्कड़ नाटक जल है तो कल है का मंचन के द्वारा सभी से अनुरोध किया कि वे नदियों के जल को प्रदूषित न करें, कपड़े न धोयें, पूजा सामग्री को न डालें, नालों के प्रदूषित जल को नदियों में न डालें आदि आदि। नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की सराहना करते हुये टेक्निकल कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री विजय प्रकाश मल्होत्रा ने कैडेट्स को ५ आर के बारे में बताते हुए बताया कि समय की पुकार है जीरो वेस्ट मैनेजमेंट और वातावरण और प्रदूषण के नियंत्रण में अत्यंत कारगर है। इसके बाद कैडेट्स ने घाट की सफाई के लिये पलॉगिंग का आयोजन किया और एक जागरूकता रैली से नगला तल्फी गाँव मे जा कर स्थानीय जन जागरण का आह्वान किया।
आज के कार्यक्रम में डी ई आई, प्रेम विद्यालय, और आर ई आई के ११२ कैडेट्स ने अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ बढ़ चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान चीफ ऑफिसर लोकेंद्र सिंह और लेफ्टीनेंट अनिल कुमार की उपस्थिति ने कैडेट्स का मानोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभायी।
वन यू पी बटालियन के सूबेदार मेजर बलदेव, सूबेदार रामनिवास, हवलदार हरका थापा, हवलदार अनिल कुमार ने व्यवस्थओं की देखरेख में सहायता की। नुक्कड़ नाटक का कुशल संचालन अंडर ऑफिसर सुमिरन सिन्हा ने किया।
इस कार्यक्रम का कुशल नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर राजकुमार जादौन ने किया इस कार्यक्रम में अंडर ऑफिसर उमाकांत पचौरी, सार्जेंट तुषार उपाध्याय, अनिल रावत, चेतन अग्निहोत्री, कैडेट अतुल, शिव प्रताप चौहान, चंद्रपाल तोमर, अंशुमन गुप्ता, रूकेंद्र कुमार, शुभम त्यागी का सहयोग सराहनीय रहा