आगरालीक्स… आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पति की मौत हो गई, मौत के सदमे से कहीं ज्यादा दर्द अपने पति को ले जाने का है, उसे शव बिहार ले जाना है, एंबुलेंस के लिए पैसे नहीं हैं। सिस्टम को दर्द महसूस नहीं हो रहा है।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में 12 फरवरी को अजय निवासी गांव अकम्मा, थाना राजौली जिला नबादा बिहार को पत्नी जयवंती ने भर्ती कराया। हालात गंभीर थी 19 फरवरी को अजय की मौत हो गई। जयवंती अपने पति के शव को गांव ले जाना चाहती है लेकिन अपने गांव बिहार तक एंबुलेंस ले जाने के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं। वह एसएन प्रशासन से मिली तो उन्होंने भी बिहार तक शव को एंबुलेंस से ले जाने से इन्कार कर दिया। जयवंती चाहती है कि उसके पति का अंतिम संस्कार गांव में ही हो।
दो महीने से बीमार, काम किया वहां भी कोई मदद नहीं
अजय और उसकी पत्नी जयवंती दिल्ली के पास शंखपुरा विजय नगर में गुरु के ईंट के भटटे पर काम कर रहे थे। दो महीने पहले अजय की तबीयत खराब हो गई, उसने कई जगह इलाज कराया लेकिन तबीयत बिगडती चली गई। 12 फरवरी को उसने पति अजय को एसएन में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान 19 फरवरी को अजय की मौत हो गई।

मदद को नहीं आगे आया कोई
जयवंती की मदद के लिए एसएन प्रशासन, जिला प्रशासन और समाजसेवी संगठन भी आगे नहीं आए, आरटीआई कार्यकर्ता नरेश पारस ने सोशल मीडिया के माध्यम से जयवंती के दर्द को उठाया है। इसके बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है।