आगरालीक्स….(20 November 2021 Agra News) आगरा में भगवान आदिनाथ के ज्ञानकल्याणक में उमड़े सैकड़ों भक्तजन. आदि कुमार केवल ज्ञान प्राप्त कर बने ऋषभ सागर….जानिए क्या है आहारदान का महत्व
श्रद्धालुओं ने सजाई रंगोली, समवशरण की हुई रचना
ओल्ड ईदगाह कालोनी में श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में आज पांचवे दिन ज्ञान कल्याणक सम्पन्न हुआ। जिसमें विभिन्न प्रांतों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। केवल ज्ञान प्राप्त कर आदि कुमार से ऋषभ सागर बने भगवान के पड़गान में श्रद्धालुओं ने आकर्षक रंगोली सजाई। श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित महोत्सव में आचार्यों द्वारा दिव्य मंत्रोच्चार पूर्वक मांगलिक क्रियों से भगवान का अभिषेक व शांति धारा पूजन किया गया। ज्ञान कल्याणक पूजन, शांति हवन, ज्ञान संस्कार विभि, समवशरण की रचना एवं दिव्य देशना आदि धर्मिक अनुष्ठान हुए।

ज्ञान कल्याणक का अर्घ्य किया समर्पित
मुख्य संयोजक रिंकू जैन ने बताया कि इंद्र इंद्राणियों ने देव शस्त्र पूजन के साथ अष्ट द्रव्यों से भगवान की पूजा अर्चना, स्मरण ध्यान कर ज्ञान कल्याणक का अर्घ्य समर्पित किया। भगवान आदिनाथ का समवशरण हुआ और मुनिश्री विशालसागर, वीरसागर, धवलसागर ने मूर्ति को प्रतिष्ठित किया। पूजन के दौरान नीलेश जैन ने भजन प्रस्तुत कर माहौल भक्तिमय बना दिया। संचालन प्रदीप भैया ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से मुख्य संयोजक रिंकू जैन, सहसंयोजक अनिल जैन, अमित जैन, अजीत जैन, अभय केदार, रविन्द्र, राजकुमार, सचिन, चंद्रदीप, अतुल, अजय दीपक आदि उपस्थित थे।

मुनिश्री ने बताया आहारदान का महत्व
आगरा। मुनिस्री 108 विशाल सागर व वीर सागर ने ज्ञान कल्याणक महोत्सव में प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को आहारदान का महत्व बताया। तीर्थकर मुनि को आहारदान देकर राजा श्रेयांस अक्षयपुण्य प्राप्त किया था। कहा कल्याण का मार्ग गुरु के प्रति विनयभाव से ही मिलता है। कितने भी शास्त्र और सिद्धान्त पढ़ लो, गुरु भक्ति बिना कल्याणक के मार्ग तक नहीं पहुंच सकते। जिस घर में गुरु चरण पड़ जाएं वह घर मंदिर बन जाता है। भगवान आदिनाथ जन्म से पूर्व का इतिहास बताया। संध्या काल में भव्य आरती का आयोजन किया गया।