आगरालीक्स.. आगरा के डॉक्टरों ने पैदल मार्च निकाला लेकिन एकजुटता नहीं दिखा सके। नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में शहर के डॉक्टरों से एकजुट होने की अपील की गई थी लेकिन कुछ ही डॉक्टर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। यहां कहा कि नेशनल मेडिकल काउंसिल, एनएमसी यह बिल मानवीय संवेदनाओं वाले चिकित्सकीय पेशे में कारपोरेट कल्चर को बढावा देगा। इससे इलाज ही नहीं, मेडिकल की पढाई भी महंगी हो जाएगी। भ्रष्टाचार को बढावा मिलेगा। रविवार को शहीद स्मारक पर डॉक्टर और मेडिकल छात्र एकत्रित हुए, यहां से आईएमए भवन तोता का ताल तक एनएमसी के विरोध में पैदल मार्च निकाला गया, इसमें डॉक्टर्स साइकिल एसोसिएशन के सदस्य साइकिल से आगे आगे चले। आईएमए भवन पर बैठक हुई। आईएमए, यूपी के अध्यक्ष डॉ सुधीर धाकरे ने कहा कि आईएमए की भारत यात्रा की यूपी में आगरा से शुरूआत हुई है, 24 मार्च तक पैदल मार्च निकाला जाएगा और 25 मार्च को 25 मार्च को दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में आईएमए की महापंचायत होगी। आईएमए के अध्यक्ष डॉ रवि पचौरी और सचिव डॉ ओपी यादव ने कहा कि एनएमसी बिल कॉरपोरेट कल्चर को बढावा देने के लिए बनाया गया है। इस बिल से सामान्य बुखार का इलाज कराना भी आम व्यक्ति की पहुंच से दूर हो जाएगा। इसके साथ ही क्रॉस पैथी को ग्रामीण क्षेत्रों में बढावा दिया जाएगा। यह ग्रामीण क्षेत्र की जनता के साथ मजाक है, उन्हें भी अच्छे डॉक्टरों से इलाज कराने का हक है जिसे एनएमसी बिल से छीनने की कोशिश की जा रही है। डॉ सुनील शर्मा ने कहा कि एनएमसी बिल में सीट बढाने के लिए भी कहा गया है, इसके लिए निजी मेडिकल कॉलेजों को बढावा मिलेगा। इन कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट एक करोड में मिलती है, ऐसे कॉलेज में पढने वाले छात्र चिकित्सकीय पेशे से जुडेंगे तो इलाज और महंगा हो जाएगा। इस दौरान आई० एम० ए० के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ अशोक अग्रवाल, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ शरद अग्रवाल, प्रान्तीय अध्यक्ष डॉ सुधीर धाकरे, प्रान्तीय सचिव डॉ राजेश सिंह, पूर्व प्रान्तीय अध्यक्ष डॉ विजय पाल, डॉ जेएन टंडन, डॉ. शरद गुप्ता, डॉ. रविन्द्र भदौरिया, डॉ.आलोक मित्तल, डॉ. आरएस कपूर, डॉ.सीमा सिंह, डॉ. संगीता चतुर्वेदी, डॉ. पंकज नगायच, डॉ. अमित रावत, डॉ. शिव बघेल, आदि शामिल हुए। आगरा के बाद मथुरा में रात को सभा आयोजित की गई, इसे आईएमए यूपी के अध्यक्ष डॉ सुधीर धाकरे ने संबोधित किया