
आगरा के जयपुर हाउस स्थित पॉश कॉलोनी की कोठी में सोमवार दोपहर में पुलिस के साथ मानव तस्करी निरोधक शाखा और बाल कल्याण समिति की सदस्य पहुंचे। यहां झारखंड की 18 साल की लडकी को मुक्त कराया, वह आठ साल से कोठी में थी और घर का काम कर रही थी। पुुलिस पूछताछ में सामने आया है कि कोठी मालिक ने लडकी को दिल्ली के एक एजेंट से घर का कार्य करने के लिए खरीदा था। आठ साल से वह कोठी में घरेलू कार्य कर रही थी। पुलिस कोठी के मालिक से भी पूछताछ कर रही है।
नौकरी दिलवाने के लिए दिल्ली लेकर आए
लडकी के भाई ने बताया कि आठ साल पहले झारखंड से एक महिला उसे दिल्ली में नौकरी लगवाने के नाम पर लेकर आई थी। इसके बाद उसने एजेंट को बेच दिया, घरवाले लडकी की तलाश करते रहे, लेकिन कोई पता नहीं चला। 2012 में लडकी के भाई को पता चला कि वह जयपुर हाउस की एक कोठी में काम कर रही है।
कोठी से दुत्कार कर भगाए परिजन
लडकी के भाई का आरोप है कि वह वर्ष 2012 में जयपुर हाउस से अपनी बहन को लेने के लिए पहुंचा, उसके साथ उसके पिता भी थे, लेकिन कोठी मालिक ने उन्हें दुत्कार कर भगा दिया। इसके बाद उसने एनजीओ से संपर्क किया और उसे मुक्त कराया जा सका।
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