आगरालीक्स.. आगरा में शिक्षा का बुरा हाल, आंबेडकर विवि के बाबू को पैसे मांगने पर निलंबित कर दिया। वहीं, कॉलेजों के प्रबंधक और जीआईसी के शिक्षक बैठक में भिड गए, उनके बीच मारपीट की नौबत आ गई, एक दूसरे के साथ धक्कामुक्की की।
आगरा के आंबेडकर विवि में छात्रों से माक्र्सशीट और डिग्री के लिए वसूली की जा रही है। इसी तरह के एक मामले में केसी एजूकेशनल इंस्टीटयूट सहपउ, हाथरस के बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र विवेक श्रोत्रिय निवासी नगला आम, जलेसर रोड शुक्रवार को विवि में पहुचा, उसने मार्कशीट के लिए 26 जून को आॅनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद भी उसे मार्कशीट नहीं दी गर्ई। छात्र का आरोप है कि वह बीएससी द्वितीय वर्ष परीक्षा विभाग में सहायक बाबू शत्रुध्न सिंह के पास गया, उसे गुमराह किया गया और पैसे मांगे गए।
कुलपति से की शिकायत, निलंबित कर कमेटी गठित
छात्र कुलपति डॉ अरविंद दीक्षित के पास पहुंच गया, उन्होंने छात्र से लिखित में शिकायत ली, इसके बाद वे खुद छात्र को लेकर परीक्षा विभाग पहुंचे। उनके आदेश पर कुलसचिव केएन सिंह ने शत्रुध्न सिंह को निलंबित कर दिया। इस प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है, यह कमेटी 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।
पढाई में सुधार को बुलाई बैठक में डीआईओएस के साथ भिडत
शुक्रवार को आगरा में आगरा शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और शैक्षणिक पंचांग के अनुसार पढ़ाई कराने के लिए डीआईओएस रवींद्र सिंह ने जीआईसी में वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों की बैठक बुलाई थी।
इसमें डीआईओएस के सामने ही वित्त विहीन विद्यालयों के प्रबंधक और जीआईसी के शिक्षक भिड़ गए। धक्का-मुक्की तक हुई। बैठक में काफी देर तक हंगामा होता रहा।
प्रबंधकों ने समस्याएं बतानी शुरू कर दीं। आरोप लगाया कि वित्तविहीन विद्यालयों के साथ सही व्यवहार नहीं किया जाता। यह भी कहा कि जीआईसी में कर्मचारियों और शिक्षकों की ओर से परीक्षा कार्य के लिए अवैध वसूली की जाती है। इस बात का हाल में खड़े जीआईसी के शिक्षकों ने विरोध कर दिया। डीआईओएस के सामने ही स्कूल प्रबंधकों और जीआईसी के शिक्षकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देर तक हंगामा होता रहा।