आगरालीक्स ..आगरा के डॉ टंडन हॉस्पिटल के संचालक डॉ अमित टंडन पर अपने भाई पर जानलेवा हत्या करने के आरोप के 45 दिन में 10 हजार का ईनाम और गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। वे भी पुलिस की पकड में नहीं आई हैं। प्रोपर्टी को लेकर हुए विवाद का मामला गर्माता जा रहा है।
6 सितंबर 2019 को आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र मेंडॉक्टर अनुराग टंडन पर हमला हुआ था। घटना में पहले पुलिस को सेट किया गया था। पूर्व विवेचक अनिल कुमार ने धारा 307 हटा दी थी। डॉक्टर वैशाली टंडन का नाम मुकदमे से निकाल दिया था। जानकारी के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की थी। विवेचक को लाइन हाजिर किया गया था। लापरवाही के आरोप में तत्कालीन इंस्पेक्टर हरीपर्वत प्रवीण मान को भी हटाया गया था।
जेल भेजा कर्मचारी राहुल
पुलिस ने आरोपित राहुल को अमहदाबाद से अरेस्ट किया है, कर्मचारी राहुल के बयान ने पुलिस को हैरानी में डाल दिया है। उसने पुलिस को बताया कि उसे डेढ़ करोड़ रुपये का प्रलोभन दिया गया था। उससे कहा गया था कि वह अपने बयान में यह बोलेगा कि सरिया से प्रहार उसने किया था। ऐसा करने पर उसकी जमानत पर पूरा खर्चा वह उठाएंगे। उसे आजीवन वेतन दिया जाएगा। डेढ़ करोड़ रुपये और दिए जाएंगे। वह घबरा गया। उसने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया था।
उधर, विवेचक अमित कुमार ने डॉक्टर अनुराग टंडन के बयान दर्ज किए। पूर्व विवेचक ने उनके बयानों में भी हेराफेरी कर दी थी। डॉक्टर अनुराग ने अपने बयान में कहा है कि डॉक्टर अमित ने सरिया मारी थी। डॉक्टर वैशाली और राहुल ने उनके हाथ पकड़ लिए थे। उन्होंने अपने बयान में उमाशंकर और दिनेश यादव के नाम भी लिए। दोनों के नाम मुकदमे में भी हैं। उनका आरोप है कि उनके परिवार में रार की मुख्य वजह ये दोनों लोग हैं।
10 हजार का ईनाम
डॉ अमित टंडन पर 10 हजार का ईनाम घोषित किया गया है, पुलिस डॉ अमित टंडन उनकी पत्नी डॉ वैशाली टंडन सहित अन्य की धरपकड के लिए दबिश दे रही है, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डॉ अमित टंडन की लॉकेशन इलाहाबाद में मिली है। वहीं डॉ अमित टंडन के पकड में न आने पर गैर जमानती वारंट जारी हुए हैं, इसके बाद भी डॉ अमित टंडन पकडे नहीं जाते हैं तो कुर्की के आदेश जारी किए जाएंगे।