आगरालीक्स …आगरा में एंबुलेंस में आक्सीजन खत्म होने से नवजात की जान जाने के बाद छापेमार कार्रवाई की जा रही है। बडे अस्पतालों की एंबुलेंस में एक्सपायर पर कार्रवाई की गई। मंगलवार को आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 10 एंबुलेंस के खिलाफ कार्रवाई की, इसमें से एक एंबुलेंस सीज कर दी है और नौ के चालान किए गए हैं।
सीएमओ डॉ मुकेश वत्स ने बताया कि संयुक्त टीमें डीएम एनजी रवि कुमार के निर्देशन पर कार्रवाई कर रही हैं। मंगलवार को टीम ने बडे हॉस्पिटल की एंबुलेंस पर कार्रवाई की।
इन हॉस्पिटल की एंबुलेंस पर की गई कार्रवाई
एसआर हॉस्पिटल
रामतेज हॉस्पिटल
उपाध्याय हॉस्पिटल
सनराइज हॉस्पिटल
ईश्वरी देवी हॉस्पिटल
आरती मनोज हॉस्पिटल
हेल्प आगरा एंबुलेंस

इसमें से एक एंबुलेंस में एक्सपायर जीवन रक्षक दवा मिली, दवा अप्रैल 2019 में एक्सपायर हो चुकी है, इसके बाद भी एंबुलेंस में रखी हुई थी, एक एंबुलेंस में खाली आक्सीजन सिलेंडर मिला, निर्धारित मानक पूरे नहीं होने पर नौ एंबुलेंस के चालान किए गए हैं और एक एंबुलेंस सीज कर दी है।
डॉक्टरों में आक्रोश, झोलाछाप की तरह अवैध एंबुलेंस के अभियान से भी भटके
हॉस्पिटलों की एंबुलेंस पर कार्रवाई से डॉक्टरों में आक्रोश है, आईएमए एएमएस के चेयरमैन डॉ डीवी शर्मा का कहना है कि 2500 से अधिक एंबुलेंस चल रही हैं, इसमें से अधिकांश अवैध हैं, इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग अवैध एंबुलेंस को पकडने के बजाय हॉस्पिटल की एंबुलेंस को चेक कर रहे हैं, मरीज को ले जाने वाला रजिस्ट्रर न होने पर भी चालान किया जा रहा है। यह झोलाछाप के खिलापफ चलाए गए अभियान की तरह ही है, कुछ दिन झोलाछाप की दुकान बंद कराने के बाद रजिस्टर्ड हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग की टीम बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण चेक करना शुरू कर देती है और नोटिस थमा देते हैं। इसके बाद अभियान बंद हो जाता है, इससे झोलाछाप खत्म नहीं हो रहे हैं, यही हाल अवैध एंबुलेंस का होने जा रहा है, इस मामले में आईएमए अध्यक्ष डॉ अशोक शिरोमणि सहित टीम के साथ उच्च अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी।