नागपुर (25अक्टूबर)… विजयदशमी पर्व पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक मोहन भागवत ने कहा है कि सीएए से देश के मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है। इस कानून के खिलाफ पड़ोसी देश आंदोलन को हवा दे रहे हैं, जो अभी भी जारी है।
सीएए से किसी को खतरा नहीं
आरएसएस के मुख्यालय में विजयदशमी पर्व पर शस्त्र पूजन के बाद संघ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख भागवत ने कहा किसीएए से किसी को खतरा नहीं है। देश में मुस्लिम समुदाय को भ्रमित करने की साजिश हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ पड़ोसी देशों से सांप्रदायिक कारणों से प्रताड़ित होकर विस्थापित किए जाने वाले व्यक्ति जो भारत में आते हैं, उन्हें सीएए के जरिये नागरिकता दी जाएगी। इस कानून में किसी संप्रदाय विशेष का विरोध नहीं है।
भारत के धक्के से चीन सहमा
उन्होंने कहा कि चीन अपने आर्थिक औऱ सामरिक बल के कारण मदांध होकर उसने भारत की सीमाओँ पर जिस प्रकार अतिक्रमण का प्रयास किया वह समूचे विश्व के सामने स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि भारत के धक्के से चीन सहम गया है। उन्होंने चीन को कड़ा सदेश देते हुए कहा कि हम सभी से मित्रता चाहते हैं लेकिन हमारे सद्भाव को हमारी दुर्बलता नहीं समझना चाहिए। उन्होंने सीएए पर कहा कि इस कानून से किसी को खतरा नहीं है। देश में मुस्लिम समुदाय को भ्रमित करने की साजिश हुई है।
कोरोना में चीन की भूमिका संदिग्ध
संघ प्रमुख भागवत ने कोरोना महामारी से भारत संकट की इस घड़ी में अधिक अच्छे प्रकार से खड़ा हुआ दिखाई देता है। इस महामारी की विनाशकता का प्रभाव बाकी देशों से कम दिखाई दे रहा है। इसका कारण समाज की एकरसता, सहज, करुणा व शीलप्रवृत्ति का भाव, संकट में परस्पर सहयोग से संस्कार, संस्कृति सत्व का सुखद परिचय इस संकट में हम सभी को मिला। उन्होंने कोरोना महामारी में चीन की भूमिका को संदिग्ध बताया।