आगरालीक्स… यह बुजुर्ग कपल स्वस्थ हैं और खुश हैं, इन्हें डर है कि दोनों में से पहले किसी एक की मौत न हो जाए, ये एक साथ मौत के लिए असिस्टेड सुसाइड चाहते हैं और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मांग की है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रांट रोड दक्षिण मंंबई निवासी 88 वर्षीय नारायन लवाते और उनकी पत्नी 78 वर्षीय इरावती लवाते खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। नरायन लवाते 1989 में स्टेट ट्रांसपोर्ट अधिकारी के पद से रिटायर हुए हैं, उनकी पत्नी इरावती 1997 में स्कूल की प्रिंसिपल के पद से रिटायर हो चुकी हैं, इन्हें पेंशन भी मिल रही है।
बेड पर लेटे रहने के बजाय खुशी के साथ मौत
ये दोनों की स्वस्थ्य हैं, कहते हैं कि उम्र बढने के साथ बीमारियां भी बढेंगी और हॉस्पिटल में बेड पर लेटना पडेगा, इससे अच्छा है कि खुशी के साथ मौत आए। उन्होंने केम नर्स अरुणा के केस से असिस्टेड सुसाइड और एक्टिव यूथेनेसिया के विकल्प पर विचार किया, इसके कानूनी पक्ष देखे।
स्विटजरलैंड बेस्ड डिगनिटास के सदस्य बने
डॉक्टर के द्वारा दवाओं के माध्यम से मौत के लिए मुंबई के कपल ने कानूनी पहलुओं को देखा और स्विटजरलैंड बेस्ट डिगनिटास के सदस्य भी बन गए हैं। डिगनिटास कानूनी रूप से पिफजीशियन असिस्टेंड डेथ कराती है, कपल मौत के लिए स्विटजरलैंड जा सकते हैं लेकिन इसमें भी एक बाधा है, नारायन के पास पासपोर्ट नहीं है, उनकी पत्नी के पास पासपोर्ट है लेकिन ये दोनों एक साथ ही मरना चाहते हैं।
राष्ट्रपति से की प्ली
इस मामले में महाराष्र्ट्र सरकार से लेकर केंद्र सरकार के मंत्रियों से अपील कर चुके नारायन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से प्ली की है कि उन्हें एक साथ मरने के लिए असिस्टेंड सुसाइड की अनुमति दी जाए।