आगरालीक्स…. आगरा में हाई प्रोफाइल शादी करने पहुंचे फर्ज़ी आईएएस अधिकारी की बातें सुनकर पुलिस के भी होश उड गए, उसने फेसबुक प्रोफाइल पर पांडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर किरन बेदी के साथ फोटो अपलोड कर रखा है और खुद को पांडिचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर का ओएसडी बता रहा था।
सोमवार को थाना न्यू आगरा में प्रेसवार्ता में एएसपी हरीपर्वत ने बताया कि फर्ज़ी आईएएस अधिकारी डॉ मंजीत राज निवासी बसई दारापुर पश्चिमी दिल्ली के साथ उसके पिता शिव गोविंद राम निवासी करंडा गाजीपुर, चाचा रमा शंकर निवासी रमेश नगर पश्चिमी दिल्ली और धर्मेंद निवासी नई दिल्ली को अरेस्ट किया है। आगरा के न्यू आगरा में रिटायर अधिकारी की बेटी से सगाई करने के लिए ये आए थे, रिटायर अधिकारी ने पीएचडी कर चुकी अपनी बेटी की शादी के लिए मेट्रीमोनियल साइट पर प्रोफाइल डाला था, इसके बाद से उनके पास कॉल आने लगे। मई में उनके पास गाज़ीपुर निवासी डॉ मंजीत राज ने खुद को आईएएस बताते हुए फोन से संपर्क किया। उसने अपनी पोस्टिंग पांडिचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर के ओएसडी के पद पर बताई। उसने बताया कि उसका एक फ्लैट दिल्ली में भी है।
फेसबुक से लेकर गांव में आईएएस अधिकारी

बेटी के रिश्ते से पहले रिटायर अधिकारी डॉ मंजीत के गांव गाजीपुर गए, वहां भी उन्हें सभी ने बताया कि मंजीत आईएएस अधिकारी है, उन्होंने मंजीत की फेसबुक प्रोफाइल भी चेक की, इसमें पांडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर किरन बेदी के साथ ही अधिकारियों और नेताओं के साथ डॉ मंजीत ने अपने फोटो शेयर किए हैं, इस पर लाइक और कमेंट भी हैं। संसद भवन समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर उसके फ़ोटो पोस्ट थे। इसके बाद उन्होंने रिश्ते की बात की और लड़की वाले बनारस गए। मंजीत राज और उसके परिजनों को एक होटल में बुलाकर रिश्ता 20 मई को बनारस के एक होटल में रिश्ता पक्का करते हुए 4.51 लाख रुपए देकर रोका कर दिया।
चार करोड मांगा दहेज,

रिश्ता पक्का होने के बाद आगरा में तीन जून को सगाई होनी थी, शादी के लिए डॉ मंजीत ने चार करोड की दहेज की मांग रखी। इसके बाद रिटायर अधिकारी ने अपने परिजनों को भी आईएएस से बेटी का रिश्ता करने की जानकारी दी, इस पर उन्होंने आईएएस के बारे में जानकारी मांगी कि वह किस बैच का है, इससे पहले कहां कहां रहा है, जिससे उसके बारे में और जानकारी जुटाई जा सके। इसके बाद रिटायर अधिकारी ने मंजीत से उसकी पूर्व की पोस्टिंग और साथी आईएएस अफ़सरों के बारे में पूछा तो वह गुमराह करता रहा।
सगाई से पहले पकडा गया
रविवार रात को फर्ज़ी ईएएस डॉ मंजीत परिवार और दोस्तो को लेकर सगाई करने रिटायर अधिकारी के घर पहुंच गया, उन्होंने पूछताछ की तो डॉ मंजीत जाल में फंसता चला गया, रिटायर अधिकारी ने पुलिस बुला ली, उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस पूछताछ में खुला खेल
पुलिस डॉ मंजीत को थाने ले आई, वह पहले पुलिस को राजनीतिक और आईएएस लॉबी से संबंध बताते हुए गुमराह करने का प्रयास करता रहा। पुलिस के सख्ती दिखाने पर के बाद मंजीत ने कहा कि वह बीएससी है। दिल्ली में सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था, वह प्री एग्जाम पास कर चुका है लेकिन सिविल सर्विसेज में सफल नहीं हो सका, इसके बाद उसने फर्जी आईएएस अफसर बनकर शादी करके करोड़पति बनने की योजना बनाई।