आगरालीक्स…(29 January 2022 Agra News) आगरा में टाटा गेट है, जानते हैं क्यों. एयर इंडिया की पहली उड़ान आगरा से ही भरी थी.. उस समय इसका नाम था टाटा एयरलाइंस. अब एयर इंडिया फिर से टाटा की हो गई है….
आगरा में एयरफोर्स स्टेशन के पास बने टाटा गेट के पास से आप हर रोज गुजरते होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि यहां पर इस गेट का नाम टाटा गेट ही क्यों है. इसके पीछे छुपा है एयर इंडिया का वो इतिहास जो कभी टाटा एयरलाइंस के नाम से जानी जाती थी. दो दिन पहले ही विमानन कंपनी एयर इंडिया अपने संस्थापक टाटा ग्रुप के हाथों में आ गई है. इसकी घरवापसी हुई है. अब ये दोबारा टाटा ग्रुप के हाथों में है. टाटा ग्रुप ने ही 82 साल पहले आगरा में एयर स्ट्रिप बनवाकर आगरा से ग्वालियर—मुंबई होते हुए कराची तक पोस्टल सर्विस का संचालन शुरू कराया था.

15 अक्टूुबर 1932 को हुई थी स्थापना
टाटा ग्रुप ने 15 अक्टूबर 1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से इसकी स्थापना की थी. इस कंपनी को पायलट लाइसेंस 1929 में ही मिल चुका था. अंग्रेजी हुकूमत में यूनाइटेड प्राविस की राजधानी आगरा बना तो यहां वर्ष 1939 में एयर स्ट्रिप बनवाई गई. टाटा एयरलाइंस की ने आगरा की एयर स्ट्रिप से ही शुरुआत की थी. एयरलाइंस द्वारा 1941 तक कराची—मुंबई—ग्वालियर—आगरा तक टाटा एयरलाइंस ने पोस्टर एयर सर्विस संचालित की. हालांकि बाद में दूसरे विश्व युद्ध से पहले सरकार ने इसको अपने नियंत्रण में ले लिया. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, यह एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बन गई और इसका नाम बदलकर एयर इंडिया कर दिया गया. आजादी के बाद 1947 में एयर इंडिया की 49 फीसद भागीदारी सरकार ने ले ली थी. 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण हो गया.
कर्जा भी चुकाया और 2700 करोड़ भी दिए
समझौते के तहत टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया की घर वापसी पर सरकार को 2700 करोड़ रुपये दिए है तो वहीं एयरलाइन पर बकाया 15,300 करोड़ रुपये के कर्ज की देनदारी भी अपने ऊपर ली है. एयर इंडिया में कुल 12,085 कर्मचारी हैं, इनमें से 8,084 स्थायी कर्मचारी और 4,001 ठेके वाले कर्मचारी हैं. कुल 5,000 कर्मचारी अगले पांच वर्षो में सेवानिवृत्त होने वाले हैं. 1,434 कर्मचारी एयर इंडिया एक्सप्रेस में हैं.