आगरालीक्स.. आगरा में 40 साल की युवती के पेट से 25.5x22x16.4 सेंटीमीटर [4600CC] फुटबाल के आकार का ट्यूमर निकाला गया। सेफ सर्जरी सेंटर (आगरा हार्ट सेंटर ) के लेप्रोस्कोपिक एंड बेरिएट्रिक सर्जन डॉ.करन आर रावत ने जटिल आपरेशन कर युवती की जान बचाई।
आगरा की 40 साल की युवती को पेट दर्द की समस्या थी, उसका पेट का आकार लगातार बढ रहा था। कोरोना संक्रमण के चलते वह इलाज नहीं करा सकी, इससे समस्या और बढ गई। युवती ने सेफ सर्जरी सेंटर (आगरा हार्ट सेंटर) राम नगर कालोनी में दिखाया। आगरा के सेफ सर्जरी सेंटर (आगरा हार्ट सेंटर )के लेप्रोस्कोपिक एंड बेरिएट्रिक सर्जन डॉ.करन आर रावत ने 1 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया. आगरा के आगरा के सेफ सर्जरी सेंटर (आगरा हार्ट सेंटर )के अनुसार, ‘उस समय महिला का पेट काफी टेढ़ा-मेढ़ा दिख रहा था और क्लिनिकल एग्जामिनेशन के दौरान पेट बहुत भरा हुआ पाया. हम आश्चर्यचकित थे कि साधारण दर्द और स्थिति के साथ इतनी सूजन कैसे हो गई है. इसके बाद तत्काल महिला के पेट का सी.टी. स्कैन किया गया जिससे ये पता चला कि मरीज के पेट में काफी बड़ा ट्यूमर है, जिसका साइज 25.5x22x16.4 सेंटीमीटर [4600CC] है।
ट्यूमर को जड़ से निकाला, धमनियों और आंतों को भी नहीं हुआ नुकसान
इसके बाद डॉक्टर करण आर रावत ने तुरंत महिला से सर्जरी के लिए परामर्श की. इसके बाद 3 अप्रैल को ऑपेरशन किया गया. सर्जरी के दौरान यह भी स्पष्ट हो गया कि महिला के पेट में एक बहुत बड़ा ट्यूमर था. ये नसों के खून ओवरी और आंत सहित शरीर के की महत्वपूर्ण अंगों के साथ जुड़ा हुआ था. डॉक्टर करण और रावत के मुताबिक, सर्जरी में दो प्रमुख चुनौतियां थी एक तो ट्यूमर को निकालते समय रक्त की धमनियों की आंतों को बचाया जाए और दूसरी, ट्यूमर को जड़ से निकाला जाए. लगभग एक घंटे से सफल ऑपरेशन में दोनों ही चुनौतियों में डॉक्टरों ने सफलता हासिल की. ट्यूमर को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भी भेजा गया है सफल सर्जरी के कुछ दिनों बाद महिला छुट्टी दे दी गई.