
पांच अप्रैल से आगरा से दिल्ली के बीच 160 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौडने वाली गतिमान एक्सप्रेस का नियमित संचालन होगा। गतिमान को चलाने की जिम्मेदारी दिल्ली डिविजन के स्टाफ को दी गई है। इसका आगरा डिविजन का स्टाफ विरोध कर रहा है। उन्होंने रविवार सुबह आगरा कैंट स्टेशन पर प्रदर्शन किया, दिल्ली से चलकर भोपाल जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को आगरा कैंट स्टेशन पर रोक दिया और रेलवे ट्रैक पर खडे होकर नारेबाजी की।
ट्रायल आगरा डिविजन ने कराए तो चलाएंगे भी वही
ट्रेड यूनियन लीडर का कहना है कि गतिमान के 7 ट्रायल हुए हैं। सभी आगरा डिवीजन के गार्ड और चालक ने सम्पन्न कराये हैं। अब रेलवे बोर्ड ने आदेश दिया है कि गतिमान को दिल्ली डिवीजन का स्टाफ चलायेगा, यह गलत है। यही नहीं, गतिमान एक्सप्रेस के रूट के लिए दिल्ली डिवीजन मात्र 50 किमी का है, जबकि आगरा डिवीजन 138 किमी चलता है। नियम यह है कि जिसकी परिधि बड़ी है ट्रेन चलाने का अधिकार उसी डिवीजन को है।
केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात
इससे पहले शनिवार को केन्द्रीय मंत्री डॉ राम शंकर कठेरिया से आगरा डिविजन के गार्ड और चालकों ने उनके आवास पर मुलाकात की, साथ ही ऐलान किया कि आगरा कैंट स्टेशन पर रविवार सुबह आठ बजे नई दिल्ली से चलकर भोपाल जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को रोका जायेगा। जब तक उन्हें गतिमान चलाने की घोषणा नहीं की जाती तब तक प्रशर्दन चलता रहेगा।
यह होगा फायदा
गतिमान एक्सप्रेस पर पर जो भी गार्ड और स्टाफ रहेगा, उसका प्रमोशन जल्दी होगा। दिल्ली डिवीजन वालों को यदि यह अधिकार मिलता है, तो आगरा डिवीजन के गार्ड और चालक इस प्रमोशन की प्रक्रिया से पिछड़ जायेंगे।
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