गोरखपुरलीक्स…हनुमान चालीसा 11वीं भाषा में प्रकाशित। गीता प्रेस ने पंजाबी भाषा में किया प्रकाशित। तुरंत बिक भी गईं।
प्रथम संस्करण में 30 हजार प्रतियां छापी गईं
धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशन के लिए विश्व प्रसिद्ध गीता प्रेस ने पहली बार पंजाबी भाषा में हनुमान चालीसा का प्रकाशन किया है। इसके प्रथम संस्करण में 30,000 प्रतियों का प्रकाशन किया गया है।
एक व्यापारी ने 25 हजार खरीदीं
पंजाब के एक व्यापारी ने इसकी 25 हजार प्रतियां तुरंत खरीद भी ली हैं। गीता प्रेस अब तक 11 भाषाओं में हनुमान चालीसा का प्रकाशन कर चुका है।
देश-विदेश की इन भाषाओं में है हनुमान चालीसा
गीता प्रेस द्वारा अभी तक हनुमान चालीसा अभी 10 भाषाओं हिंदी, नेपाली, गुजराती, असमिया, तमिल, बांग्ला, तेलुगू, कन्नड़, ओड़िआ और अंग्रेजी में प्रकाशित होता था। अब इसे 11वीं भाषा पंजाबी में भी प्रकाशित किया गया है, ताकि पंजाब के लोग अपनी भाषा में हनुमान चालीसा का पाठ कर सकें।