आगरालीक्स… आगरा के बहुचर्चित जूता कारोबारी ग्रोवर दंपति हत्याकांड में पौने दो साल बाद पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू की है। एसएसपी सहित पुलिस टीम मंगलवार को ग्रोवर दंपति के खंदारी स्थित आवास पर पहुंची।

हरीपर्वत के खंदारी स्थित हनुमान चौराहा निवासी लेदर कारोबारी 69 वर्षीय अवनीश ग्रोवर और उनकी पत्नी ऊषा (67) की बदमाशों ने 14 नवंबर 2016 की रात को नृशंसता से हत्या कर दी थी। घर में रखे नकदी-आभूषण लूट ले गए थे। दंपती के शव घर के बाहर गैराज में डालकर शटर गिरा गए थे। कारोबारी अवनीश के सिर और शरीर पर छह, जबकि पत्नी ऊषा ग्रोवर के शरीर पर सात घाव थे।
पुलिस ने सर्विलांस, फोरेंसिक वैज्ञानिकों और मुखबिर तंत्र की मदद ली। इस दौरान कई थानाध्यक्ष भी बदल गए। इसके बाद भी कातिलों का सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने एफआर लगा दी थी।
मंगलवार को एसएसपी दिनेश चंद दूबे, एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह, सीओ हरीपर्वत श्लोक कुमार ग्रोवर दंपती के घर पहुंचे। तत्कालीन चौकी प्रभारी जगदंबा सिंह और एसओ शैलेश कुमार को भी बुलाया। दोनों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने दंपति के परिवार को कातिलों का पता लगा सलाखों के पीछे पहुंचाने का आश्वासन दिया।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
– जांच के दायरे में आई घर में काम करने वाली लेबर और इमेज सेंटर के कर्मचारियों के फिंगर, फुट प्रिंट के नमूने लिए गए। घटनास्थल पर मिले नमूने से इन्हें मैच कराया, लेकिन सुराग नहीं मिला।
– गैराज से एक गैंती मिली थी, जिसे पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल करने की बात कही, जबकि पहले मौके से फावड़े को जब्त किया था।
– घर की नौकरानी, बिजली मिस्त्री से पूछताछ की गई, लेकिन कुछ नहीं निकला। हींग की मंडी से तार जुड़े, लेकिन जांच में कुछ नहीं निकला।
– हत्या में प्रयुक्त टेप से जूता कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों पर शक गया। लेदर कारोबारी का माल जिन शू फैक्ट्री में जाता था, उनके कर्मचारियों से पूछताछ की गई, मगर पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला।
– नाला बुढ़ान सैय्यद के पास कारोबारी की पत्नी के गायब मोबाइल की सिम मिल गई। यह सिम 14 साल के बच्चे को मिली थी। पुलिस को उम्मीद जागी, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।
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