आगरालीक्स.. आगरा की डॉक्टर ने खुद को इंजेक्शन लगाया और मौत हो गई, इस तरह कई और डॉक्टर भी सुसाइड कर चुके हैं। यह इंजेक्शन आॅपरेशन के दौरान बेहोशी के लिए दिया जाता है, इससे शरीर की मसल्स काम करना बंद कर देती हैं, इसकी ज्यादा डोज लेते ही शरीर शिथिल पड जाता है, सांस तक नहीं ली जाती है और कुछ ही देर में ब्रेन डेथ और कार्डियक अरेस्ट के बाद मौत हो जाती है। आशंका है कि लेडी लॉयल महिला चिकित्सालय की डॉक्टर ने भी ऐसा ही इंजेक्शन लगाया और मौत हो गई। हालांकि मौत का सही कारण पोस्ट मार्टम रिपोर्ट से ही पता चल सकेगा।
मंगलवार रात साढे आठ बजे लेडी लॉयल महिला चिकित्सालय, राजा की मंडी के क्वाटर में शोर मचने पर अन्य डॉक्टर आ गए, उन्होंने देखा कि बेड पर डॉ मोनिका बेहोशी की हालत में पडी हैं, उनका हाथ में सिरेंज लगी है। डॉक्टर उन्हें लेकर एसएन इमरजेंसी पहुंचे, यहां उन्हें म्रत घोषित कर दिया। डॉ मोनिका रात आठ बजे अपने घर पहुंची थी, घर पर उनकी सांस और डेढ साल का बेटा था, पति हरविंद सिदृधु लेडी लॉयल में चिकित्सक है लेकिन वे उस समय घर पर नहीं थे। परिजनों का कहना है कि मोनिका सीधे अपने कमरे में चली गई और कमरे का गेट बंद कर लिया, थोडी देर बाद कमरा खोला तो बेड पर डॉ मोनिका बेहोशी की हालत में पडी हुई थी, उनके हाथ में सिरेंज लगी हुई थी।
लव मैरिज नहीं करना, करना चाहती थी डीएलओ
मूल रूप से बुलंदशहर निवासी एयरफोर्स से रिटायर अजय कुमार जगदीशपुरा में रहते हैं, उनकी बेटी मोनिका ने 2004 में एसएन में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था, उन्होंने मथुरा निवासी डॉ हरविंदर से 2015 में लव मैरिज की थी और एक डेढ साल का बेटा है। इस साल डॉ मोनिका का पीजी में चयन हो गया था, उन्होंने मेरठ मेडिकल कॉलेज से डीएलओ करने के लिए लेडी लॉयल से छुटटी ले ली थी।
डॉक्टर कर चुके हैं इंजेक्शन लगाकर मौत
एसएन के साथ ही देश भर के तमाम शहरों में डॉक्टरों के इंजेक्शन लगाकर सुसाइड करने के तमाम मामले आ चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आॅपरेशन के दौरान बेहोशी के लिए इंजेक्शन दिया जाता है, इससे शरीर की मसल्स शिथिल हो जाती हैं, इस इंजेक्शन की ज्यादा डोज देने पर मसल्स काम करना बंद कर देती हैं, यह दर्दनाक मौत होती है, वह सांस लेना चाहता है लेकिन सांस नहीं ले सकता है। ब्रेन डेथ और कार्डियक अरेस्ट से मौत हो जाती है।