आगरालीक्स.. बैर बढाते मंदिर मस्जिद मेल कराती मधुशाला, आगरा में स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन की जयंती पर नटरांजलि थिएटर द्वारा मधुशाला सहित अन्य गीत एवं नाटक का मंचन किया गया। बुधवार को शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ कवि गीतों के राजकुमार चौधरी सुखराम सिंह,कवि.डा. राजेन्द्र मिलन,साहित्यकार रमेशचन्द्र अग्रवाल अधीर,लालाराम तैनगुरिया ने किया,अलका सिंह के निर्देशन में कलाकारों ने 26/11 हमले में शहीद हुये सैनिक के परिवार का दर्द मंच पर बयां कर उपस्थित दर्शकों को गमगीन कर दिया, कलाकारों में धीरज,हर्ष,निशिता,गुंजन, अभिषेक राजौरा, विशेष,स्नेहा,रचना आदि थे ।
डा.राजेन्द्र मिलन एवं चौधरी सुखराम सिंह,डा.अनिल उपाध्याय ने हरिवंश राय से जुड़े संस्मरण सुनाये,रेखा साहनी ने स्वरचित कविता सुनाई, सर्वज्ञ शेखर गुप्ता,रचना कपूर ,मान सिंह मनहर, प्रताप सिसोंदिया,देवेन्द्र जादौन,अग्निपथ पर परवेज़ कबीर आदि ने बच्चन की कविताओं का पाठ किया । नसीम अहमद ने युवा शक्ति को प्रेरित करते हुयी पंक्तियाँ सुनाईं । आत्मकथा पर चर्चा की एवं रचनाओं को भी गाकर सुनाया जिनमें : क्या भूलूँ क्या याद करूँ, नीड़ का निर्माण फिर, बसेरे से दूर,अग्निपथ के साथ ही साथ मधुशाला के अंश ”
मैं मधु-विक्रेता को प्यारी,
मधु के धट मुझ पर बलिहारी,
प्यालों की मैं सुषमा सारी,
मेरा रुख देखा करती है
मधु-प्यासे नयनों की माला,
मैं मधुशाला की मधुबाला,
एवं एक प्रेरक कविता नन्ही चींटी
चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़ कर गिरना, गिर कर चढ़ना न अखरता है
मेहनत उसकी बेकार नहीं हर बार होती
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती को अलका सिंह ने प्रस्तुत की ।
इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों में नितिन जौहरी, डा.सपना गोयल,डा.माधवी कुलश्रेष्ठ,रचना कपूर, विजय कपूर,रोहित कात्याल,सुखपाल तौमर,विश्वजीत सिंह,अर्पित गोयल, करन सक्सैना एवं नटरांजलि परिवार से राजकुमारी पाराशर,कुमुद पांडे,ममता पचौरी,मिथलेश शाक्य,पारुल भारद्वाज,राजदीप ग्रोवर ,रामानुज मिश्रा, कार्यक्रम का संचालन श्रुति सिंहा ने किया, समन्वयन किया श्री बांके बिहारी वेलफेयर सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष मदन मोहन शर्मा ने कहा कि बच्चन जी की रचनाएं बेमिसाल है,काव्य प्रस्तुति व्यवस्था रितु गोयल ने संभाली , कार्यक्रम का संयोजन एवं आभार प्रकट किया संस्था निदेशक अलका सिंह ने किया ।