आगरालीक्स …आगरा में बादल छाने के बाद तेज बारिश शुरू हो गई है, कुछ ही देर की बारिश में कई जगह पर जलभराव हो गया है, इस बार आगरा में रिकॉर्ड बारिश की उम्मीद है।
मौसम विज्ञान विभाग दक्षिणी-पश्चिमी मानसून का दूसरा पूर्वानुमान जारी कर दिया। इसमें जुलाई में 96 फीसद और अगस्त में 99 फीसद बारिश की सभावना है।
मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. के जे रमेश के अनुसार पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड सहित पूर्वी राज्यों में 13 से 14 जून तक मानसून प्रभावी हो जाएगा। दिल्ली सहित आगरा व मध्य एवं उत्तरी भारत में 25 जून के बाद पहुंचेगा। इस बार मानसून पर अलनीनो का खास असर नहीं दिखाई देगा। आखिरी चरण में थोड़ा बहुत असर पड़ सकता है।
100 फीसद तक मानसून
मानसून सीजन (जून-सितंबर) के दौरान 98 फीसद बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत में मानसून औसत से 100 फीसद तक रहेगा। आइएमडी द्वारा पहला अनुमान 18 अप्रैल को जारी किया गया था। इसमें दीर्घावधि औसत के मुकाबले 96 फीसद मानसून की बात कही गई थी।
2016 में हुई बारिश
आगरा में देश में सबसे ज्यादा बारिश हुई। वहीं, जुलाई महीने में बारिश के कई साल के रिकॉर्ड टूट गए हैं, अभी तक 535.6 मिमी बारिश हो चुकी है। यमुना भी उपफान पर आने लगी है, इसकी तरह की बारिश होने पर यमुना में बाढ आने के साथ शहर के हालात बिगड सकते हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, महीने के अंत तक यह 600 मिमी का आंकड़ा छू लेगी। बीते साल केवल 450 मिमी ही बारिश आगरा में हुई थी। गुरुवार को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित आगरा में बारिश के आसार बने हुए हैं। शाम को तेज बारिश के बाद शुक्रवार तक बूंदाबांदी हो सकती है।
बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक शहर में बारिश हुई, इस दौरान आगरा में 74.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, देश के अन्य हिस्सों में जम्मू, कटरा, में 5 सेमी, श्रीनगर, भद्रवाह, दिल्ली में चार सेमी बारिश दर्ज की गई। इस तरह आगरा में जुलाई महीने में बारिश 535.6 मिमी हो चुकी है, जबकि जुलाई में औसत 201 मिमी होती है।
तापमान में एक डिग्री का अंतर
बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। दिन में पारा चार डिग्री गिरकर 29.8 डिग्री पर आ गया तो वहीं न्यूनतम तापमान चार डिग्री बढकर 28.7 डिग्री पर आ गया। यह पहला मौका है, जब दिन और रात का पारा 28-29 डिग्री के बीच ही बना रहा, जबकि गर्मियों में यह अंतर 20 डिग्री के करीब रहता है।
1966 जैसे बन रहे हालात
इस बार 1966 जैसे हालात बन रहे हैं, तब आगरा में भारी बारिश हुई थी, बाढ आ गई थी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जुलाई के अंत तक 600 एमएम बारिश हो सकती है, जबकि पूरे साल में आगरा में पिछले साल 450 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी।