आगरालीक्स…बरसाना की लठामार होली के लिए टेसू के फूलों से तैयार हो रहा रंग. 10 क्विंटल फूल मंगाए गए हैं. जानें कब है विश्व प्रसिद्ध लठामार होली…
बरसाना की प्रसिद्ध लठामार होली अपने आप में ही अनोखी है. लठामार होली को लेकर अभी से तैयारियां की जा रही हैं. यहां श्रीजी मंदिर पर नंदगांव के हुरियारों को रंगों से सराबोर करने के लिए 10 क्विंटल टेसू के फूल मंगाए गए हैं. यहां की होली में कैमिकल के रंगों का प्रयोग नहीं किया जाता है. सारे रंग टेसू के फूलों से तैयार कर बनाए जाते हैं.
18 मार्च को विश्व प्रसिद्ध लठामार होली बरसाना में खेली जाएगी. लठामार होली के दौरान खड़ी ब्रज भाषा में हुरियारिनों पर अपनी मधुर वाणी से रसकों के पदों पर हुरियारे तीन छोड़ते हैं. लठामार होली के दौरान होली खेलने में रंग और अबीर गुलाल भी बरसता हे. लाडली जी मंदिर के सेवायतों द्वारा विशेष प्रकार का रंग तैयार किया जाता है जिसे तैयार करने में 10 दिन लग जाते हैं.
ऐसे बनता है रंग
सबसे पहले टेसू के फूलों को पानी के साथ बड़े बड़े ड्रमों में भिगोया जाता है. उसके बाद फूलों का रस निकाला जाता है. निकले रस में चूने को मिलाकर वापस ड्रमों मे ंभर दिया जाता है. इस प्रकार रंग तैयार होता है.