आगरालीक्स… पेट्रोल-डीजल के साथ रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से आम आदमी बुरी तरह आहत हो गया है। रसोई गैस की कीमत फिर बढ़ने पर महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त किया है। महिलाओँ का कहना है कि कोरोना के बाद अभी काम-धंधे ठीक से शुरू नहीं हुए हैं। महंगाई रोजाना बढ़ रही है। ऐसे हालात में घर चलाना मुश्किल हो गया है।
महिलाओँ के लिए व्यापार करना हुआ कठिनः अर्पणा

गोकुलपुरा बल्काबस्ती निवासी गुज्जूज ऑफ आगरा की संचालिका श्रीमती अर्पणा भट्ट का कहना है कि कोरोना के बाद अभी काम-काज ढंग से शुरू नहीं हो पाए हैं। किसी तरह से काम को सुचारू रूप से करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन रसोई गैस के दाम हर दूसरे-तीसरे दिन बढ़ा दिए जा रहे हैं। सामान की डिलीवरी की जाती है तो पेट्रोल के दाम बढ़े हुए हैं। लेकिन हमारे प्रोडेक्ट की कीमत स्थिर है और उसे अभी बढ़ा भी नहीं सकते। ऐसे में महिलाओँ के लिए व्यापार करना भी कठिन हो गया है।
घर का बजट बिगड़ गया हैः विनीता

पथवारी बेलनगंज निवासी विनीता कुमारी का कहना है कि रोज-रोज गैस के पैसे बढ़ाने से घर के बजट पर असर पड़ रहा है। सिलेंडर आज से 832 रुपये का हो गया है। लेकिन वास्तविकता में सिलेंडर तो 835 रुपये का हो गया है। दो रुपये खुले नहीं होने हॉकर 835 रुपये लेता है। खुले नहीं होने पर वह पैसे वापस नहीं मिलते हैं। सिलेंडरो में एक-दो किलो गैस कम होना सामान्य हो गया है। साथ ही घरेलू सामान की कीमतें भी रोजाना चुपचाप बढ़ा दी जाती हैं। दालों की कीमतें बढ़ गई हैं।
उल्लेखनीय है कि फरवरी माह से अब तक घरेलू गैस की कीमतों में चार वार वृद्धि की गई है। एक फरवरी को बजट आया था, उस दिन गैस सिलेंडर की कीमत 707 रुपये थी। बजट के दो दिन बाद 25 रुपये बढ़ाए गए। चार जनवरी को 732 रुपये हो गए। 11 दिन बाद 50 रुपये बढ़ाए जाने से सिलेंडर 782 रुपये हो गए। 25 फरवरी को दाम 807 रुपये हो गए। इसके बाद अब 25 रुपये बढ़ाए जाने से 832 रुपये प्रति सिलेंडर हो गए।