आगरालीक्स.(Agra News 17th July). आगरा में हनीट्रैप में फंसाने वाला गैंग सक्रिय है। डॉक्टर के करेक्टर में छांकने के बाद गैंग ने प्लानिंग की, युवती के तीन नाम, एक महीने से आगरा में रह रही थी हनीट्रैपर।
आगरा के डॉ उमाकांत गुप्ता को 13 जुलाई को हनीट्रैप में फंसाने के बाद किडनैप कर लिया गया था। डॉक्टर को हनीट्रैप में फंसाने वाली युवती ने अपना नाम अंजलि बताया और खुद को मथुरा की बताया, वह अपने भाई के पथरी के आपरेशन के लिए डॉक्टर से मिली। विद्या नर्सिंग होम में आपरेशन कराया, इसके साथ ही हनीट्रैपिंग का जाल फैला दिया।
करेक्टर चेक करने के बाद की गई प्लानिंग
हनी ट्रैपर मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली है, नाम संध्या, मंगला है और डॉक्टर को नाम अंजलि बताया था। वह भोपाल में काम करती थी, लेकिन एक साल पहले पति की मौत हो गई। 14 साल का बेटा है, उसके साथ एक मथुरा की युवती भी काम करती थी। संध्या को युवती ने मथुरा काम के लिए बुला लिया और यहां बदन सिंह से मुलाकात कराई।
एक महीने से बुंदूकटरा में बदन सिंह के साथ किराए पर रही रही थी संख्या
संख्या एक महीने से आगरा के बुंदूकटरा में किराए के मकान में बदन सिंह के साथ रह रही थी। गैंग ने संध्या को हनीट्रैपर के लिए तैयार किया,लालच दिया कि इससे कमाई अच्छी हो जाती है। इसके बाद पूरी प्लानिंग की गई।
हनी ट्रैप में कई और भी फंस सकते हैं
गैंग एक महीने से आगरा में था,आशंका है कि कई और बडे लोगों को हनीट्रैप में फंसाने के लिए गैंग ने प्लानिंग की हो, इस बारे में जांच चल रही है। पुलिस के हाथ गैंग के लिए काम करने वाला एक बदमाश और युवती लगी है, गैंग का सरगना सहित अन्य बदमाश पुलिस नहीं पकड सकी है।