आगरालीक्स… आगरा में मेट्रो चलने में छह साल लगेंगे लेकिन मेट्रो हॉस्पिटल खुल गया है। आईएमए ने बिना डॉक्टर के चल रहे 25 फर्जी हॉस्पिटल की सूची सीएमओ को दी। साथ ही इन हॉस्पिटल के पंजीकरण के लिए किराए पर डिग्री देने वाले डॉक्टरों को भी नोटिस जारी किया जा रहा है।
आगरा में झोलाछाप हॉस्पिटल चला रहे हैं, एंबुलेंस चालकों से साठगांठ कर मरीजों को अपने हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कर प्रयोग कर रहे हैं। इसके बाद मरीजों का लंबा चोडा बिल बना देते हैं। मरीज की तबीयत बिगडने पर एसएन भेज देते हैं। ऐसे कई मामले आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अर्श हॉस्पिटल, नेहरू नगर, अनमोल हॉस्पिटल यमुना पार और दिव्यांशी हॉस्पिटल शास्त्रीपुरम को सील कर दिया है। इसके साथ ही शहर में चल रहे अवैध हॉस्पिटल की सूची तैयार की जा रही है।
आईएमए ने दी 25 फर्जी हॉस्पिटल की सूची


आगरा में तीन हॉस्पिटल पर छापा मारा गया, ये बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे थे और झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहे थे। इन तीनों हॉस्पिटल को सील कर दिया है। सीएमओ डॉ मुकेश वत्स का कहना है कि हॉस्पिटल संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
गुरुवार को एसीएमओ डॉ अजय कपूर ने हॉस्पिटलों पर छापे मारे, अर्श हॉस्पिटल, नेहरू नगर में छापे के दौरान मरीजों की बीएचटी सीट मिली लेकिन कोई मरीज भर्ती नहीं था। यह हॉस्पिटल दो महीने से चल रहा है, इसका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था और डॉक्टर भी नहीं थे। इसके बाद टीम ने अनमोल हॉस्पिटल यमुना पार में छापा मारा, यहां तीन मरीज भर्ती थे। इलाज करने के लिए कोई डॉक्टर नहीं था। मरीजों को हॉस्पिटल से शिफृट करा दिया गया, इस हॉस्पिटल को भी सील कर दिया है।
डिलीवरी हुई लेकिन डॉक्टर नहीं मिले
इसके बाद टीम ने दिव्यांशी हॉस्पिटल, शास्त्रीपुरम में छापा मारा, यहां तीन मरीज भर्ती थी। टीम के पहुंचने से पहले ही डिलीवरी हुई थी लेकिन डिलीवरी करने वाले डॉक्टर नहीं मिले। यहां मरीज भर्ती थे, इसके लिए हॉस्पिटल के आॅपरेशन थिएटर को ही सील कियाग गया है।
सुदर्शन हॉस्पिटल में नहीं मिले डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुदर्शन हॉस्पिटल, पश्चिमपुरी रोड पर छापा मारा, यहां दो मरीज भर्ती थे, इन मरीजों का इलाज करने के लिए कोई डॉक्टर नहीं था। स्वास्थ विभाग की टीम ने नोटिस दिया है।