आगरालीक्स…आगरा के डॉक्टरों में आक्रोश है, झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई न कर क्वालीफाइड डॉक्टरों की पंजीकरण नवीनीकरण की प्रक्रिया जटिल करने का विरोध तेज हो गया है। आईएमए ने चेतावनी दी है कि पंजीकरण नवीनीकरण की प्रक्रिया सरल ना करने पर सख्त कदम उठाया जाएगा।
प्रदेश भर में झोलाछाप के इलाज से मरीजों की मौत के बाद हाईकोर्ट ने सख्ती की, हर साल चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के नवीनीकरण के निर्देश दिए हैं। जिससे डिग्री धारक ही मरीजों का इलाज कर सकें, हाईस्कूल फेल और झोलाछाप के क्लीनिक बंद कराए जा सकें। इसके लिए हर साल 30 अप्रैल तक हॉस्पिटल, क्लीनिक और लैब के पंजीकरण का नवीनीकरण किया जाता है। इस साल यह प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन जटिल है, आनालइन आवेदन करना है, इसमें भी दस्तावेज लगाने है, आनलाइन प्रक्रिया पूरे प्रदेश के लिए एक कर दी है। पहले यह स्थानीय स्तर पर सीएमओ कार्यालय में आनलाइन आवेदन किया जाता था, अब महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से इसे जोड दिया गया है। आनलाइन आवेदन करने के बाद वहां से स्थानीय सीएमओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी, सीएमओ की टीम निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद पंजीकरण का नवीनीकरण किया जाएगा।
प्रक्रिया है जटिल, होगी वसूली
आईएमए के अध्यक्ष डॉ अशोक शिरोमणि और आईएमए एएमएस के चेयरमैन डॉ डीवी शर्मा का कहना है कि सालों से हॉस्पिटल और क्लीनिक चलाने के बाद नई प्रक्रिया एक तरह से नए पंजीकरण के लिए है। वेबसाइट खुल नहीं रहती है, जटिलता के साथ ही निरीक्षण के नाम पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कमियां निकालकर वसूली करेगी, इसका विरोध किया जा रहा है। इसके बाद भी प्रक्रिया सरल नहीं की गई तो सख्त कदम उठाया जाएगा। इस दौरान सचिव डा० ओ पी यादव, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष डा० सुधीर धाकरे निर्वाचित अध्यक्ष डा० रवि मोहन पचौरी, डा० संजय कुलश्रेष्ठ डा० मनोज शर्मा डा०अरुण सिंह व डा० अनंग उपाध्याय मौजूद रहे।