आगरालीक्स …आगरा के एक कॉलेज का पहली मंजिल का फर्श ढह गया, बैंचों पर बैठे छात्र छात्रा पहली मंजिल से नीचे केमिस्ट्री लैब में गिरे, साहसी छात्रों ने उन्हें बाहर निकाला, 18 छात्र छात्राएं घायल हुए हैं।
आगरा में कलक्ट्रेट के पीछे गली में स्थित श्री नेहरू इंटरमीडियट कॉलेज वर्ष 1964 में गड्ढे में बना था। स्कूल कक्षा छह से 12 तक है। स्कूल पहली मंजिल पर सभा कक्षा है। इसकी छत और फर्श गाडर पत्थर के हैं, शनिवार दिन में सभा कक्ष में वाक कला प्रतियोगिता चल रही थी। 100 से अधिक बच्चे थे। स्कूल की छुट्टी होने में आधा घंटा बचा था। अचानक सभा कक्ष के पिछले हिस्से का सात फीट का टुकड़ा धंस गया। उसके ऊपर बैंचों पर जो बच्चे बैठे थे वे पहली मंजिल से नीचे कैमिस्ट्री लैब में गिरे। चीखपुकार और भगदड़ मच गई। आनन-फानन में सभा कक्ष में मौजूद छात्र-छात्राएं जान बचाने के लिए भागकर बाहर आ गए। कुछ साहसी छात्र दौड़कर सीढ़ियों से नीचे पहुंचे। कैमिस्ट्री लैब का दरवाजा खोला। नीचे मलबे में दबे अपने साथियों को बाहर निकाला। घायलों को अस्पताल भेजा गया। बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल आ गए।
आंखों के आगे हो गया अंधेरा
पहली मंजिल से नीचे लैब में 1से अधिक बच्चे गिरे थे। जिसमें कई छात्राएं भी शामिल थीं। हादसे के बाद सभी बुरी तरह सहमे हुए थे। छात्रों ने बताया कि आंखों के आगे अंधेरा छा गया था। छात्राएं रोने लगीं। करीब तीन मिनट कैसे बीते बता नहीं सकते। ऊपर से कैमिस्ट्री लैब में गिरे और उसका दरवाजा बाहर से बंद था। ऐेसा लगा कि जैसे मौत छूकर चली गई। छात्र अजय ने बताया कि सभी छात्रों ने बहुत हिम्मत दिखाई। दो छात्रों ने हाथ से गाडर पकड़ ली थी। पहले छात्राओं को बाहर निकाला। दरवाजा बंद था। उसे तोड़ने का प्रयास किया।
ये बच्चे हुए घायल
कक्षा दस का रिंकू, योगेश, कक्षा नौ के अतीक, मोहित, समोना, कक्षा 12 की पिंकी, कोमल, संदीप, सौरभ, हर्ष, दीप शिखा, काजल, करन, कल्पना व स्वाती को चोट आईं हैं। समोना के पैर में ज्यादा चोट है।
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