आगरालीक्स.. आगरा में जया किशोरी जी ने कहा कि होगा प्यारे वही जो श्रीराम जी को भाएगा. सिर्फ कथा के श्रवण से मनुष्य का उद्धार नहीं होता। उसे जीवन में उतारना पड़ेगा। कथा के श्रवण करने के बाद मनन और चिंतन भी करिए। धर्म तो अपने आप में महान है। हम धर्म से महान नहीं हो सकते। लेकिन हम धर्मसंगत कर्म करें तो हमारे अच्छे कर्म हमें महान व्यक्तितत्व की श्रेणी में लाकर खड़ा कर देते हैं। प्रभु ने इसीलिए संसार को कर्म प्रदान बनाया है। हम किस धर्म के हैं, यह याद नहीं रखा जाएगाहमने कैसे कर्म किए यह हमेशा याद रखा जाएगा। कोठी मीना बाजार में श्रीश्याम सेवक परिवार समिति द्वारा कोठी माना बाजार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा मृत महोत्सव में कथा के दूसरे दिन कथा वाचक पूज्या जया किशोरी ने माता अनुसुईया, राजा परिक्षित की जन्म कथा, वराह अवतार, सति चरित्र व शिव कथा का वर्णन किया।
कहा कि शरीर वीणा है और आनन्द संगीत। इसलिए जरूरी है कि यह यंत्र ठीक रहे। स्वस्थ शरीर आत्मा के लिए अतिथिशाला और अस्वस्थ शरीर बंदीगृह के समान है। इसलिए आहार, आचार और व्यवहार में मर्यादा, नियमित व्यायाम, सकारात्मक सोच और प्रभु पर अटूट विश्वास ही हमें कर्म करने की प्रेरणा देता है। परहित सहीस धर्म नहीं भाई को परिभाषित करते हुए कहा कि ऐसे कर्म अवश्य करें जिसमें दीन-हीन असहार और गरीब लोगों का भला हो। किसी बच्चे को शिक्षा प्राप्त हो, आप-पास कोई भूखा न सोए। आप संसार की दृष्टि में महान बने या न बने परन्तु भगवान की दृष्टि में महान अवश्य बने। यही सोच अच्छे कर्म के लिए प्रेरित करती है। सति अनुसुईया की कथा का वर्णन करते बताया कि किस तरह पने सतित्व और तप से उन्होंने सृष्टी और पालनहार के रचयता ब्रह्मा, विष्णु महेश को बालक बना दिया। कथा में समिति के अनिल मित्तल, अरुण मित्तल, हेमेन्द्र अग्रवाल, विपिन बंसल, विशाल गोयल, विकास गोयल, संजीव अग्रवाल, पीके भाई, मनोज सिंघल, अमित अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, मनीष बंसल, अर्पित मित्तल, अनूप गोयल, मोनू सिंघल, रजत अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
प्लास्टिक का प्रयोग न करने का दिया संदेश
आगरा। पूज्या जया किशोरी ने कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को अपने घर की तरह मौहल्ले और कॉलोनियों में साफ-सफाई व प्लास्टिक का प्रयोग न करने के भी संदेश दिया। कहा कि यह समस्या आप अपनी आगे की पीढ़ी के लिए पैदा कर रहे हैं। अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्लास्टित के प्रयोग का त्याग करें।
शिवजी की बारात में बाराती बने आगरावासी
आगरा। स्वरूपों द्वारा शिवजी की बारात का भावपूर्ण मंचन किया गया। जिसमें समस्त श्रद्धालु बाराती की तरह शामिल हुए। जैसे ही माता पार्वती ने शिवजी के गले में वरमाला डाली पण्डाल हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
सच्चा गुरु वही जो खुद से नहीं ईश्वर से जोड़े
आगरा। गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए पूज्या जया किशोरी ने कहा कि सच्चा गुरु वही है जो भक्त या शिष्य को सुद से जोड़ने के बजाय ईश्वर से जुड़ने का मार्ग बताए। कहा कि संत किसी विशेष वेशभूषा का नाम नहीं है।