
बुधवार को आगरा के सराफा व्यापारियों ने सैफई में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। उन्हें एक्साइज डयूटी से होने वाली समस्याएं और एक महीने से चल रही हडताल से आर्थिक स्थिति खराब होने की जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आश्वासन दिया कि वह प्रधानमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखेंगे और नेताजी से भी बात करेंगे।
मेयर इंद्रजीत आर्य, पूर्व शहर अध्यक्ष वाजिद निसार के साथ मुरारी लाल फतेहपुरिया, सुधीर गुप्ता, पवन दौनेरिया सहित 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सैफई में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिला।
सांसद और मंत्रियों पर फूटेगा आक्रोश
सरापफा कारोबारियोंं का आक्रोश सांसद और मंत्रियों पर फूटेगा। बुधवार को किनारी बाजार धरने में माथुर माहौर स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवशंकर वर्मा ने कहा कि एक महीने के आंदोलन के बाद वक्त आ गया है कि अपने क्षेत्रों के सांसदों और मंत्रियों को बंधक बना लें। वित्त मंत्री को फोन कर अपना इस्तीफा देने की न कहें तब तक सांसदों को बंधक बनाए रखें।
एक्साइज हटाओ, भले कस्टम ड्यूटी बढ़ा लो
श्री सराफा कमेटी ने वित्तमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि केंद्र सरकार आयात होने वाले सोने पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी वसूल रही है। यह सोना रॉ मैटेरियल के रूप में प्रयोग होता है और इसका महज 50 फीसदी ही आभूषणों में उपयोग हो पाता है। अगर राजस्व ही बढ़ाना है तो कस्टम ड्यूटी 10 की जगह 11 प्रतिशत कर दें। इससे एक्साइज की अपेक्षा कहीं ज्यादा टैक्स मिल जाएगा।
सोने, हीरे के आभूषणों पर केंद्र सरकार दो बार एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन दोनों ही बार व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण कदम पीछे खींचने पड़े। साल 2005 में केंद्र सरकार ने दो प्रतिशत एक्साइज लगाया था, जबकि 2012 में एक फीसदी ड्यूटी लगाई गई। दोनों ही बार व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन बंदी कर सरकार को रोल बैक के लिए मजबूर कर दिया। यह तीसरा मौका है, लेकिन व्यापारी एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ लंबे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
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