आगरालीक्स… आगरा में बसपा से पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने मायावती का फोन नहीं उठाया, बसपा से किया निष्कासित कर दिया है। उन्हें कई चेतावनी दी गई थी, इसके बाद भी पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने बकाया पार्टी सदस्यता शुल्क जमा नहीं किया। उन्हें बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती लगातार फोन कर रहीं थी, वे पफोन नहीं उठा रहे थे। गुरुवार को मायावती ने पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
खेरागढ से दो बार से बसपा से भगवान सिंह कुशवाह विधायक थे, 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में वे हार गए। पार्टी फंड में पूर्व विधायक और पदाधिकारी सदस्यता शुल्क जमा करते हैं। पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह काफी समय से सदस्यता शुल्क जमा नहीं कर रहे थे। सदस्यता शुल्क लेने जा रहे पदाधिकारियों से बात तक नहीं करते थे। यह मामला गर्मा गया। जोन प्रभारी बनाए गए मुनकाद अली, सुनील चित्तौड भी उनके घर सदस्यता शुल्क लेने के लिए पहुंचे, उन्होंने सदस्यता शुल्क देने से इन्कार कर दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का नहीं उठाया फोन
पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह द्वारा सदस्यता शुल्क जमा न करने पर बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उन्हें फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए और पार्टी के सदस्यों से जुटाए गए शुल्क का दुरुपयोग करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। बसपा के जिलाध्यक्ष डॉ भारतेंद्र अरुण ने बताया कि पार्टी विरोधी गतिविधि और सदस्यता शुल्क जमा न करने पर पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
दो विधायक पार्टी से निष्कासित
इससे पहले बाह से विधायक रहे मधुसुदन शर्मा ने भी पार्टी छोड दी थी, उन्होंने भी सदस्यता शुल्क जमा नहीं किया था, इसके बाद सपा ज्वाइन कर ली थी। उन्हें भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इसके साथ ही कई और पर कार्रवाई हो सकती है।