आगरालीक्स.. आयकर विभाग की टीम ने डॉक्टर के हॉस्पिटल और आवास पर छापा मारा, हॉस्पिटल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, टीम दस्तावेज खंगाल रही है।
गुरुवार को आयकर विभाग की टीम ने एटा के बडे सर्जन डॉ श्याम सिंह शाक्य के हॉस्पिटल और आवास पर सर्वे किया। टीम ने हॉस्पिटल में मरीज भर्ती करने के रिकॉर्ड से लेकर फीस सहित अन्य दस्तावेजों को खंगाला। मरीज भर्ती करने वाले रजिस्ट्रर सहित कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी चेक की जा रही है। टीम दस्तावेज खंगालने के साथ ही स्टाफ और मरीजों से भी पूछताछ कर रही है।
रिटर्न जमा न करने वालों को नोटिस
आयकर कार्यालय आगरा में प्रधान आयकर आयुक्त द्वितीय के कार्यक्षेत्र में आने वाले करदाताओं में से एक लाख से ज्यादा ने बीती अवधि के रिटर्न जमा नहीं किए। विभाग की तरफ से नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस का सिलसिला बीते महीने से चल रहा है। इनसे अपेक्षा की गई है कि वह लोग तय अवधि में अपनी विवरणी जमा कर दें। अन्यथा उनको भविष्य में दिक्कत हो सकती है।
प्रधान आयकर आयुक्त द्वितीय के कार्यक्षेत्र में कुल 2.86 लाख करदाता हैं। इनमें से 1.14 लाख ने बीते महीने तक रिटर्न जमा नहीं किया। इनको नोटिस भेज कर हिदायत दी गई है कि यदि इन लोगों ने 31 मार्च से पहले अपना रिटर्न जमा नहीं किया तो आने वाले समय में इनको रिटर्न जमा होने को लेकर बढ़ रही सख्ती का सामना करना पड़ सकता है।
28 सितंबर 2017 में हुई सर्च
आगरा में 60 घंटे चले आयकर सर्च में अभी तक का सबसे बडा सरेंंडर हुआ है, तीन लॉकर सीज किए गए हैं, बडी मात्रा में नकदी बरामद की है, 200 आयकर अधिकारियों की टीम ने दोनों कंपनियों के 24 परिसरों पर गुरुवार रात को छापेमार कार्रवाई समाप्त हुई।
मंगलवार सुबह कानपुर रेंज के प्रधान आयकर निदेशक जांच आशिम कुमार के निर्देश पर अपर निदेशक जांच व्रंदा देसाई के निर्देशन में उप निदेशक जांच योगेद्र मिश्रा ने श्री बसंत आॅयल ग्रुप और बीएनआर ग्रुप पर सर्च की। 200 आयकर अधिकारियों की टीम ने 24 ठिकानों पर कार्रवाई की, इन दोनों ग्रुप से 101 करोड की अघोषित आय सरेंडर की गई है, इस पर करीब 80 करोड का टैक्स वसूला जाएगा, यह आगरा ही नहीं कानपुर रेंज की सबसे बडी कार्रवाई है।
श्री बसंत ऑयल ग्रुप से चल रही बोगल कंपनियां
श्री बसंत ऑयल ग्रुप द्वारा फर्जी कंपनियों और बोगस फर्म के जरिये चार से पांच कंपनियों को रकम ट्रांसफर की गई। बैंकों से गए लेनदेन के ब्यौरे में बोगस कंपनियों की जांच हुई तो यह खुलासा सामने आया। सीधे रकम ट्रांसफर की जगह चार-पांच कंपनियों को ट्रांसफर कर यह रकम बाद में निकाल ली जाती थी।
बीएनआर ग्रुप से मिला कैश
बीएनआर ग्रुप में बड़ी संख्या में नकदी सीज की गई। इनके तीन लॉकरों को सीज किया गया है। आयकर विभाग का मानना है कि इन तीनों ही लॉकरों में बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिल सकते हैं।