आगरालीक्स…मंलगम एस्टेट में रहने वालों का दर्द. एनजीटी ने डूब क्षेत्र से बाहर किया लेकिन एडीए नहीं हटा रहा रोक. कर्ज से हैं परेशान, संपत्ति पर बैंक लोन नहीं दे रहा. दिया धरना.
एनजीटी ने डूब क्षेत्र निर्धारण को लेकर शुरू किया था केस
दयालबाग क्षेत्र में स्थित मंगलम एस्टेट—सोसाइटी शहर की बंद गेट कॉलोनियों में से एक है. वर्ष 2015 में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में डूब क्षेत्र निर्धारण को लेकर केस शुरू हुआ था, तब आगरा विकास प्राधिकरण ने मंगलम एस्टेट के भवन व फ्लैट की खरीद व बिक्री पर रोक लगा दी थी. कॉलोनी की वेलफेयर सोसाइटी के अनुसार 4 सितम्बर 2019 को एनजीटी ने अपने निर्णय में मंगलम एस्टेट सहित कुछ कॉलोनियों को डूब क्षेत्र से बाहर मानकर क्लीन चिट प्रदान की थी. लेकिन एडीए ने अभी तक कॉलोनी की खरीद व बिक्री की रोक नहीं हटाई. सोसाइटी के अनुसार एडीए उपाध्यक्ष व सचिव को कई बार ज्ञान दिया गया लेकिन एडीए ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की है. मंगलम एस्टेट कॉलोनी में लगभग 170 परिवारन निवास करते हैं. सोसाइटी की रजिस्ट्री पर रोक के कारण यहां के निवासी आर्थिक संकट की स्थिति में फंस गए हैं.
लॉन लेने के लिए हैं परेशान
लॉकडाउन की विषय परिस्थिति में यहां के अनेकों व्यवसायी नागरिक ऋणजाल में फंसे हुए हैं, वो अपनी संपत्ति गिरवी रखकर बैंक से लोन लेना चाहते हैं पर कोई बैंक उन्हें ऋण देने को तैयार नहीं होता है. साथ ही कई लोग बच्चों की पढ़ाई व वैवाहिक कार्यक्र्म के लिए अपनी संपत्ति का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं.
एडीए के खिलाफ दिया धरना
रविवार को मंगलम एस्टेट रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी ने यहां के निवासियों के साथ धरना प्रदर्शन किया साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र रजिस्ट्री पर लगी रोक नहीं हटाई गई तो वह एडीए कार्यालय में धरना व आमरण अनशन करेंगे. धरने में राजश्री गार्डन राम मोहन विहार के नागरिकों ने भी भाग लिया. प्रमुख रूप से डॉ. पीयुष चौहान, ओमप्रकाश पचेरीवाला, महेश महेश्वरी, वीर विक्रम सिंह, सतीश गोयल, जीतेंद्र चुग, संजीव महाजन, संजय कुकरेजा, अंकुर शर्मा, तरुन लाडकानी, महेश छाबड़ा, एलके चाहर, भारत भूषण (एड.), विजय पाल सिंह राणा, रवि माहेश्वरी, हरीश परिवानी, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ.अमित रावत शामिल हुए.