मथुरालीक्स…गोकुल में खेली गई छड़ीमार होली. गोपियों ने हुरियारों पर बरसाईं प्रेम पगी छड़ियां, पुलिस वालों पर भी पड़ी छड़ियां. विदेशी भी पहुंचे
ब्रज में इस समय होली का उल्लास छाया हुआ है. रविवार को श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली गोकुल में छड़ीमार होली खेली गई. छड़ीमार होली का उल्लास हर किसी पर छाया रहा. गोपियों ने हुरियारों पर प्रेम पगी छड़ियां बरसाईं. सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों पर भी छड़ियां पड़ी तो वो भी मुस्कुरा उठे. इधर होली को देखने के लिए विदेशी भी उत्साहित दिखे. हर तरफ गुलाल उड़ने लगा. सतरंगी अंबर के बीच रसियाओं की आवाज गूंजने लगीं. ठाकुर जी का निकला डोलारविवार को सुबह दस बजे नंद भवन नंद किला से ठाकुर जी का डोला निकाला गया. डोला नंद भवन से बीच चौक, नंद चौक होकर मुरलीधर घाट पर पहुंचा. मंदिर सेवायत पुजारी मथुरा दास ने ठाकुरजी की आरती उतारी. डोले में गोकुलवासी मस्त होकर नृत्य कर रहे थे. गोकुल की ग्वालियर छड़ी लेकर डोला के साथ चल रही थीं. हंसी ठिठोली करते हुए ग्वाल ग्वालिन गोकुल की गलियों से गुजरते हुए मुरलीधर घाट पर पहुंचे. यह वही स्थान है जहां ठाकुरजी ने पहली बार बंसी बजाई. वहीं छड़ीमार होली खेली गई.