मथुरालीक्स…मथुरा में सनातन एकता पदयात्रा पर पंच प्रण का संकल्प. बांकेबिहारी के दर्शनों के साथ यात्रा का समापन. रामभद्राचार्य बोले—अब दिल्ली से कश्मीर तक निकाली जाएगी यात्रा
7 नवंबर को दिल्ली से शुरू हुई धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का आज वृंदावन में ठाकुर श्री बांकेबिहारी जी के दर्शनों के साथ समापन हुआ. दस दिवसीय इस सनातन पदयात्रा के अंतिम पड़ाव पर बागेश्वर सरकार ने संत महंत और धर्माचार्यों की मौजूदगी में लाखों पदयात्रियों को सनातन की रक्षा के पंच प्रण का संकल्प दिलाया. इस यात्रा में करीब एक लाख से अधिक पदयात्रियों ने धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी तय की. यहां मौजूद संत रामभद्राचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री के लिए कहा कि उनका चेला सिंह है सियारों से नहीं डरता. अब दिल्ली से कश्मीर तक सनातन एकता यात्रा निकाली जाएगी. यात्रा के समापन पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए.
वृंदावन में भव्य स्वागत
7 नवंबर को दिल्ली के कात्यायनी मंदिर से शुरू हुर्ठ सनातन पदयात्रा रविवार को अंतिम पड़ाव स्थल पर पहुंची. रविवार की सुबह वृंदावन से नौ किलोमीटर दूर से शुरू पदयात्रा ने जैसे ही वृंदावन मोड पर पहुंचना शुरू किया, पूरा क्षेत्र जय श्रीराम और बांकेबिहारी लाल की जय जय कार से गूंज उठा. फूलों की बारिश कर पदयात्रियों का स्वागत किया गया. इस दौरान कड़ी सुरक्षा भी रही.
चारधाम मंदिर मेैदान में हुई धर्मसभा
चार धाम मंदिर मैदान में धर्मसभा हुई जिसमें देशभर से जुटे संत, महंतों और धर्माचार्यों ने अपने उद्गार व्यक्त किए. जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि यह हिंदुओं के पुनर्जागरण की यात्रा है. उन्होंने कहा कि अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा की बारी है. महाराज ने कहा कि जल्द ही धीरेंद्र शास्त्री द्वारा दिल्ली से कश्मीर के लिए सनातन एकता यात्रा शुरू की जाएगी ताकि कश्मीर में शांति और सौहार्द कायम हो सके.