आगरालीक्स…आगरा में लड़ीवार कीर्तन समागम का हुआ समापन. 6 महीने में आयोजित किए गए 13 कीर्तन दरबार. 22 को निकलेगा नगर कीर्तन, तैयारियों पर हुई बैठक
सिख धर्म के नवे गुरु हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज और उनके तीन सिख भाई मती दास जी ,भाई सती दास जी और भाई दयाला जी के 350वें शहीदी शताब्दी वर्ष को समर्पित 13 लड़ीवार कीर्तन समागम का आयोजन आगरा में किया गया था। जिसमें आगरा के तेरह गुरुद्वारों में कीर्तन दरबार आयोजित किए गए। इसी क्रम में 13वां व अंतिम कीर्तन समागम आज रविवार को गुरुद्वारा गुरु का ताल में आयोजित किया गया। आगरा के समूह गुरुद्वारा साहिब के सहयोग से तेरेह कीर्तन दरबार का यह प्रयास काफी सफल रहा जिसमें आगरा की संगत में पूरी श्रद्धा भावना के साथ प्रत्येक कीर्तन समागम में बड़ चढ कर हिस्सा लिया। सर्वप्रथम रहिरास साहिब का पाठ हुआ उसके बाद गुरुद्वारा गुरु का ताल के हजूरी रागी भाई हरजीत सिंह और भाई लवप्रीत सिंह ने गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज की वाणी और उनसे जुड़े शब्द सुना संगत को निहाल किया साथ ही गुरुद्वारा गुरु का ताल के ज्ञानी केवल सिंह जी ने गुरु तेग बहादुर साहिब जी के आगरा आगमन ,गिरफ्तारी और दिल्ली के चांदनी चौक में शहादत की कथा विस्तार से सुना कर संगत में एक नया जोश भर दिया।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि लड़ीवार कीर्तन समागम का उद्देश्य शहर की संगत और मुख्य रूप से नई पीढ़ी को अपने इतिहास और गुरु महाराज की शहादत से रूबरू कराना था । उन्होंने बताया 25 नवंबर को गुरु महाराज का 350 वा शहीदी दिवस है जिससे बहुत ही विशालता के साथ पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है ।इस अवसर पर आगरा में भी कई आयोजन किए जाएंगे। कीर्तन समागम के अंत में आनंद साहिब के पाठ हुआ।जिसके बाद अरदास व हुकुमनामें के-साथ कीर्तन समागम की समाप्ति हुई। इस अवसर पर गुरुद्वारा गुरु का ताल के जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया और बाबा अमरीक सिंह नेअपने वचन द्वारा संगत को गुरु महाराज की शहादत की 350 साला शताब्दी पर आयोजित होने वाले हर कार्यक्रम में तन मन धन से जुड़ने की अपील की। आगरा के समस्त गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधक कमेटियों के सदस्यों ने इस समागम में पहुंचकर गुरु महाराज की खुशियां प्राप्त की।
नगर कीर्तन की तैयारी को लेकर हुई बैठक
श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज के 350 साला शहीदी शताब्दी के अवसर पर एक विशाल नगर कीर्तन गुरुद्वारा गुरु का ताल से शीशगंज गुरुद्वारा शीशगंज साहिबचांदनी चौक दिल्ली के लिए 22 नवंबर को जा रहा है। गुरुद्वारा गुरु का ताल से गुरुद्वारा शीशगंज साहिब तक का मार्ग वह ऐतिहासिक रास्ता है जहां से गुरु महाराज ने अपनी अंतिम सफर तय किया था। आगरा से ले जाकर दिल्ली के चांदनी चौक गुरु महाराज और उनके तीनों सिखों को शहीद किया गया था। बैठक के दौरान नगर कीर्तन में जाने वाली संगत के लिए बसों ,कारों की व्यवस्था पर चर्चा की गई। इसके साथ ही नगर कीर्तन के पूरे मार्ग में सुरक्षा व्यवस्थाओं ,स्वागत ,पड़ाव आदि के इंतजामों पर भी चर्चा की गई। गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि नगर कीर्तन सुबह 6:00 बजे गुरुद्वारा गुरु का ताल से वाहनों के माध्यम से रवाना होगा और मथुरा ,कोसी , होडल , पलवल फरीदाबाद होते हुए दोपहर 2:00 बजे नगर कीर्तन लाल किले के सामने चांदनी चौक पहुंचेगा। यहां से पैदल नगर कीर्तन भव्यता के साथ गुरुद्वारा शीशगंज साहिब पहुंचेगा। गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह जस्सी ने बताया कि नगर कीर्तन की वापसी के लिए शाम को 6:00 बजे का लक्ष्य रखा गया है। जिससे कि 10:00 बजे तक संगत गुरुद्वारा गुरु का ताल आगरा पहुंच जाएगी।
बैठक में जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया, बाबा अमरीक सिंह ,ग्रंथि हरबंस सिंह, श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान कवलदीप सिंह ,हेड ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह ,वीर महेंद्र पाल सिंह ,दलजीत सिंह सेतिया, गुरमीत सिंह सेठी, बिट्टू चावला, बंटी चावला , परमजीत मक्कड़, इंद्रजीत सिंह गुजराल,श्याम भोजवानी, प्रवीण अरोड़ा बंटी ग्रोवर ,जसवीर सिंह अरोड़ा परमिंदर ग्रोवर,राणा रणजीत सिंह आदि मौजूद रहे।