आगरालीक्स… आगरा दीवानी में सरेशाम पुलिस चौकी के सामने एडवोकेट पर बाइक सवार हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। उन्हें तीन गोलियां लगी हैं। तीन को छर्रे लगे हैं। गोलियों की तड़तड़हाट से दीवानी में दहशत फैल गई। अधिवक्ता के साथी ने जवाबी फायरिंग कर उनकी जान बचाई। पुलिस आती इससे पहले हमलावर भाग खड़े हुए। एसएसपी ने इस मामले में दीवानी चौकी लाइन हाजिर कर दी है, उस समय चौकी पर तैनात दरोगा और 3 सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
बुधवार शाम पांच बजे नारौल निवासी ओमवीर सिंह चाहर दयालबाग क्षेत्र की कालोनी वैष्णो धाम कालोनी में रहते हैं। शाम को वह भतीजे अधिवक्ता अजय सिंह चाहर, परिचित भूपेंद्र सहित चार लोगों के साथ पार्किंग में आ रहे थे। इसी दौरान चौकी के सामने तीन बाइक तीन बाइकों पर मौजूद युवकों ने फायरिंग कर दी। वह घबरा गए। जान बचाने के लिए मंदिर की तरफ भागे।
हमलावरों ने एक-एक करके तीन गोलियां उन पर दाग दीं। दो गोली पैर में लगीं। एक उल्टी तरफ सीने के पास कंधे पर लगी। वह गिर पड़े। यह देख उनके साथ मौजूद एक युवक ने जवाबी फायरिंग की। तड़ातड़ गोलियां चलने से दीवानी में दहशत फैल गई। चौकी के पास मौजूद लोग जान बचाने के लिए एमजी रोड की तरफ भागे। हमलावर भाग खड़े हुए। चौकी पर पुलिस नहीं थी। जब तक पुलिस आई साथी अधिवक्ता ओमवीर सिंह चाहर को नर्सिंग होम ले जा चुके थे। भूपेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसके भी छर्रे लगे हैं। दो अन्य लोगों को छर्रे लगे थे। घटना से अधिवक्ताओं में रोष फैल गया।
रंजिश के चलते हमले की आशंका
दीवानी परिसर में जनपद न्यायधीश की कोर्ट के पास पुलिस चौकी के सामने अंधाधुंध फायरिंग हुई। चौकी पर पुलिस नहीं थी। गेट पर चौकीदार नहीं था। हमलावर आए और फायरिंग करके भाग गए। इससे बड़ा दुस्साहस क्या होगा। घटना की सूचना पर एसपी सिटी सुशील घुले और एएसपी सीओ हरीपर्वत अनुराग वत्स मौके पर आ गए थे। अधिवक्ताओं ने पुलिस से पूछा कि यह कैसी सुरक्षा है। पुलिस कहां थी। दीवानी में चौकी के पास बाइक सवार हथियार लेकर खड़े थे। पुलिस सख्त होती तो उनकी हिम्मत कैसे पड़ जाती।
छानबीन में पुलिस को पता चला है कि घटना के तार कागारौल के गांव नारौल से जुड़े हुए हैं। अधिवक्ता ओमवीर सिंह चाहर की गांव में रंजिश चल रही है। हाल ही में उन्होंने गांव की एक पीड़ित महिला का जगदीशपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट के आदेश पर दर्ज दुराचार के इसी मुकदमे ने रंजिश को और भड़का दिया। साथी भी इसी मुकदमे को हमले की वजह मान रहे हैं।
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