
हॉस्टल के कमरा नंबर 122 में मिला शव
इलाहाबाद के थाना खुल्दाबाद निवासी गोपनीथा ने अपनी बेटी तोशी का आरबीएस इंजीनियरिंग कैंपस में एमटेक प्रथम वर्ष में प्रवेश कराया था। वह बिचपुरी कैंपस के हॉस्टल में कमरा नंबर 122 में रह रही थी। रक्षाबंधन की छुटटी के बाद छ़ात्रा को 30 अगस्त को उनके पिता हॉस्टल छोड गए थे। छह सितंबर सुबह छात्रा के कमरे का गेट न खुलने पर कॉलेज प्रशासन ने गेट खोला तो तोशी का शव पंखे पर लटका हुआ था। इसे आत्महत्या बताते हुए पोस्टमार्टम कराया गया था।
पोस्मार्टम रिपोर्ट से हत्या का खुलासा
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आगरा में ही अंतिम संस्कार कर दिया। मंगलवार को उन्हें पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी तो होश उड गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाना आया है, गले में निशान भी हैं। इसके बाद परिजन थाना जगदीश पुरा पहुंचे और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ तहरीर दी है।
बनना चाहती थी साइंटिस्ट
गोपीनाथ ने बताया कि तोषी घर में बड़ी थी। दूसरी बेटी यति और एक बेटा आशुतोष (12) है। बेटा विकलांग है। वह बेटियों को पढ़ाकर पैरों पर खड़ा करना चाहते थे। तोषी ने 80 प्रतिशत अंकों से इंटरमीडिएट और बीटेक किया था। वह रिसर्च फैलोशिप के लिए तैयारी में लगी थी। वैज्ञानिक बनना चाहती थी। उसकी मौत के बारे में उन्हें रात 11 बजे बताया गया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। मां मीरा सेठ सदमे में हैं। पिता इलेक्ट्रानिक का व्यापार करते हैं।
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