मथुरालीक्स.. मिनी महाकुंभ है मूडिया पूर्णिमा महोत्सव। गिरिराजजी की परिक्रमा के 21 किमी मार्ग पर पांच दिन दिन अटूट मानव श्रंखला। लाइव दर्शन की तैयारी…
गौड़ीय संत की स्वर्णिम भक्ति का दिव्य इतिहास
उत्तर भारत के मुड़िया पूर्णिमा मेला में करीब लाखों भक्त गिरिराजजी की परिक्रमा करने गोवर्धन आते हैं। हजारों परिवारों का जीवन यापन भी भक्तों के आगमन पर ही टिका रहता है। 21 किमी की परिक्रमा वाले मार्ग में पांच दिन तक अटूट मानव शृंखला बनती है। ये मेला गौड़ीय संत सनातन की स्वर्णिम भक्ति का दिव्य इतिहास समेटे है।
मुड़िया संतों की टीम फेसबुक पर लाइव दर्शन कराएगी
दूसरी ओर मुड़िया पूर्णिमा पर जो भक्त गोवर्धन नहीं आ सकते हैं तो चिंता न करें। मुड़िया संतों की टीम भक्तों को घर बैठे मुड़िया मेला और शोभायात्रा के दर्शन कराएगी। भक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए महाप्रभु मंदिर के मुड़िया महंत ने फेसबुक पर लाइव दर्शन कराने की तैयारी शुरू कर दी हैं।
गौड़ीय संत सिर मुड़ाकर मानसी गंगा की परिक्रमा करते
गौड़ीय संत सिर मुड़ाकर भजन संकीर्तन के साथ मानसी गंगा की परिक्रमा कर परंपरा का निर्वहन करते हैं।
गुरु पूर्णिमा से शुरू होगा महोत्सव
उल्लेखनीय है कि आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को ही गुरु पूर्णिमा, मुड़िया पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस साल 468 वां मुड़िया महोत्सव मनाया जाएगा।