आगरालीक्स… एचआईएमसीएस की मेजबानी में ‘माई इंडिया-माई विजन’ एक डिजिटल मंच बना, शिक्षाविद्, उद्यमी, चिकित्सक, सलाहकार, टेक्नोक्रेट्स जुटे और चर्चा की कि 20 साल के समय में भारत कैसा दिखता है…
आगरा में हिन्दुस्तान इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर स्टडीज (एचआईएमसीएस) ने नेशनल चैंबर्स आफ इंडस्ट्रीज एंड काॅमर्स, उत्तर प्रदेश के सहयोग से माई इंडिया-माई विजन की मेजबानी की। आनलाइन आयोजित यह एक ऐसा राष्ट्रीय सम्मेलन था जिसमें देश के जाने-माने शिक्षाविद्, उद्यमी, अधिकारी, चिकित्सक, सलाहकार, टेक्नोक्रेट्स, शोध विद्वान, पेशेवर और छात्र एक मंच पर आए और चर्चा की कि आने वाले 20 सालों में हमारा भारत कैसा दिखता है।
आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत आयोजित सम्मेलन में एचआईएमसीएस के निदेशक डाॅ. नवीन गुप्ता ने अपने अतिथीय उद्बोधन में कहा कि हमें प्रदूषण, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद जैसी चुनौतियों का मजबूती से सामना करना होगा। सुंदरलाला बहुगुणा की तरह काम करना होगा। इसलिए हम सुंदरलाल बहुगुणा पुरस्कार की घोषणा कर रहे हैं। उन्होंने आगरा के सोल्जर्स आॅफ सोसायटी (एसओएस) संगठन का उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे यह संगठन मानवता के लिए काम कर रहा है और कोविड के दौरान तमाम चुनौतियों का सामना करके लोगों तक मदद पहुंचाता रहा।
बिजनेस एक्सीलेंस इंक, यूएसए के अध्यक्ष डाॅ. मनु के वोहरा ने कहा कि भारत वसुधैव कुटुम्बकम के दर्शन पर काम करता है। शासन की एक निश्चित दृष्टि होती है। अच्छा भोजन, आश्रय, पानी बुनियादी आवश्यकताएं हैं जिन्हें किसी भी कीमत पर पूरा किया जाना चाहिए। इसके लिए अच्छे अस्पताल, सड़कें, इंफ्रास्टक्चर जरूरी है।

शारदा ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष डाॅ. वीके शर्मा ने कहा कि भारत एक उच्च अर्थव्यवस्था बनने की ओर विकास की राह पर है। भारत में गहरी मूल्य प्रणाली है और समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में समक्ष है। सेवानिवृत्त सचिव भारत सरकार प्रीतम सिंह ने कहा कि भारत में बड़ी क्षमता है युवा। हमारे पास ऊर्जा का पूल है। हमें राष्ट्र निर्माण पर काम करना चाहिए। शांति कार्यकर्ता और पूर्व सिविल सेवक संदीप सिलास ने कहा कि हमें सोचना चाहिए कि लोग क्या चाहते हैं। संसाधन हर वर्ग तक पहुंचने चाहिए। विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के सलाहकार डाॅ. अंशुमान गुप्ता ने कहा कि भारत शुद्ध शून्य उत्सर्जन देश है। हमें बहुत शिक्षित और कम प्रदूषित वातावरण लाना होगा। सीसीएस विश्वविद्यालय मेरठ के वाइस चांसलर प्रो. वाई विमला ने कहा कि भारत में अनेकता में एकता है, लेकिन फिर भी हमें अपनी जिम्मेदारी खुद निभाने की जरूरत है। भ्रष्टाचार को रोकना होगा। नई शिक्षा नीति भविष्य में विकसित राष्ट्र बनने में मील का पत्थर है। बिजनेस स्कूल, स्काईलाइन यूनिवर्सिटी काॅलेज, यूएई के डीन प्रो. नईम आबिदि ने भारतीय मानव विकास सूचकांक में सुधार पर चर्चा की। नेशनल चैंबर आॅफ इंडस्ट्रीज एंड काॅमर्स के अध्यक्ष शलभ शर्मा ने चर्चा की कि भारत भविष्य में सुपर पाॅवर कैसे बन सकता है।
सम्मेलन में 250 से अधिक लोग जूम और 300 से अधिक लोग यूट्यूब प्लेटफाॅर्म से जुटे। एचआईएमसीएस के एमबीए और एमसीए छात्रों ने संचालन व समन्वय किया। सम्मेलन सचिव एनके मिश्रा, डाॅ. अभिलाषा सिंह, डाॅ. रिजू अग्रवाल सिंह, कपिल चैधरी थे। आयुषी वशिष्ठ और कुशाग्र शर्मा ने एंकरिंग की। पायस, करण, सचिन, जया, आराध्या, स्वस्ति, शालिनी, रिया, कौशल, कुश, आरोहण तकनीकी सदस्य थे।