आगरालीक्स …म्यांमार के राष्ट्रपति यू हतिन क्याव ने अपनी पत्नी संग ताजमहल का दीदार किया। वे यहां रविवार दोपहर 1. 30 बजे पहुंचे और 2 .20 बजे तक ताजमहल में रहे। ताजमहल के संगमरमरी हुस्न और पच्चीकारी के बारे में जानकारी ली, अपनी पत्नी संग उन्होंने डायना बैंच पर फोटो कराए।
म्यांमार के राष्ट्रपति यू हतिन क्याव के ताजमहल का दीदार करने के चलते दोपहर 12 बजे से ताजमहल में सामान्य पर्यटकों का प्रवेश बंद रहा। उन्होंने अपनी पत्नी संग ताजमहल में 50 मिनट ताजमहल में गुजारे, उनके जाने के बाद ताजमहल के प्रवेश द्वारों पर पर्यटकों की लंबी लाइन लग गई।
बताते चलें कि राष्ट्रपति यू हतिन क्याव चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं, वे शनिवार को भारत आ गए थे।
बोधगया में की पूजा
म्यांमार के राष्ट्रपति यू हतिन कयाव अपनी पत्नी और 31 सदस्यीय शिष्टमंडल के साथ शनिवार को बोधगया पहुंचे। उन्होंने बोधगया में महाबोधि मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना की तथा पवित्र महाबोधि वृक्ष के नीचे बैठकर कुछ समय गुजारा। राष्ट्रपति कयाव ने बोधगया परिभ्रमण के बाद महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के स्वागत कक्ष में अतिथि पंजी में लिखा, “बोधगया की भूमि को स्पर्श कर मेरी सारी इच्छाएं पूरी हो गईं। मैं अविभूत हूं। यहां भगवान बुद्ध को नमन और पवित्र बोधिवृक्ष के दर्शन करने के बाद असीम शांति की अनुभूति हुई। मैं जीवन में इतना प्रसन्न कभी नहीं हुआ।”
उन्होंने आगे लिखा है, “यहां आने की अभिलाषा मुझे काफी दिनों से थी, जो आज पूरी हो गई।”
अतिथि पंजी में उनकी पत्नी शु शु लविन ने भी हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति ने पंजी में आतिथ्य के लिए आभार अंकित किया और कहा कि यह यात्रा यादगार रहेगी। एक बौद्ध होने के नाते यह यात्रा उनकी आस्था से जुड़ी है। यहां की व्यवस्था से वे पूरी तरह संतुष्ट दिखे। राष्ट्रपति यू हतिन कयाव इससे पहले अपनी पत्नी व 31 सदस्यीय शिष्टमंडल के साथ म्यांमार के विशेष विमान से सीधे गया अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा पहुंचे,
राष्ट्रपति कयाव सबसे पहले म्यांमार मोनास्ट्री गए। उसके बाद महाबोधि मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गर्भगृह में मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित किया और चीवर चढ़ाया। उन्होंने पवित्र बोधिवृक्ष, अनिमेश लोचन, चंक्रमण पथ, रत्नागृह, अजपाल निरोध वृक्ष, मुचलिंद सरोवर और राजयतन के दर्शन किए।
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