आगरा के पहले हॉस्पिटल को एनएबीएच की मान्यता
आगरालीक्स …आगरा के पहले हॉस्पिटल को एनएबीएच की मान्यता, आगरा के रेनबो हाॅस्पिटल को नेशनल ऐक्रेडिटेशन बोर्ड आॅफ हाॅस्पिटल्स यानि एनएबीएच की मान्यता प्राप्त हो गई है। खास बात यह है कि बड़े हाॅस्पिटल्स में गुणवत्ता की कसौटी पर खरा उतरने वाला यह जिले का पहला निजी अस्पताल बन गया है। क्वालिटी ट्रीटमेंट देने की न्यूनतम शर्त को पूरा करते हुए रेनबो हाॅस्पिटल ने क्वालिटी काउंसिल आॅफ इंडिया से संबद्ध एनएबीएच के तमाम मानकों को पूरा किया है। इसके बाद एनएबीएच ने फिलहाल अस्पताल को एंट्री लेवल के तहत मान्यता दी है।

क्वालिटी काउंसिल आॅफ इंडिया ने अस्पतालों में रोगियों की सुरक्षा एवं उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड (एनएबीएच) का गठन किया हुआ है। नियमों में अस्पताल के साधन-संसाधन रोगियों का उपचार उनकी सुरक्षा की सुविधाएं, संक्रमण मुक्त वातावरण, उपचार के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं, अस्पताल में सेवारत चिकित्सकों, नर्सिंग अन्य स्टाॅफ की पात्रता एवं दक्षता, अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं की वैधानिकता, अस्पताल से संबंधित सभी सरकारी नियमों एवं कायदे कानूनों की पालना आदि तथ्यों एवं तत्वों को गहराई से जांचा-परखा जाता है। अस्पताल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि एनएबीएच के उच्च स्तरीय दल ने रेनबो हाॅस्पिटल का विगत दिनों गहन निरीक्षण किया था। दल ने क्वालिटी काउंसिल आॅफ इंडिया की ओर से निर्धारित मापदंडों को पूरा करने एवं मरीजों की सुरक्षा उपचार मुहैया कराने की कसौटी पर खरा उतरने के बाद अस्पताल को मान्यता प्रदान की है। संस्थान की इस उपलब्धि को उत्सव के रूप में मनाया गया। संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डा. आरसी मिश्रा ने कहा कि आज से पांच वर्ष पहले, जब यह अस्पताल शुरू हुआ था, तब हम सभी ने एक सपना देखा था। अस्पताल को शिखर पर ले जाने का और आज मुझे बेहद गर्व महसूस हो रहा है कि हम सभी इस सपने को साकार बनाने में काफी हद तक सफल हुए हैं। लेकिन हमें यहां रूकना नहीं है। हम वर्ल्ड लेवल की चिकित्सा सेवाएं मरीजों को उपलब्ध करा रहे हैं और कराते रहेंगे। रेनबो आईवीएफ कीं निदेशक डा. जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि रेनबो हाॅस्पिटल आगरा संभाग में निजी क्षेत्र का ऐसा अस्पताल है जहां एक ही छत के नीचे सभी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। गत पांच वर्षों से से यहां आगरा ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जिलों से आने वाले मरीजों को भी शीर्ष स्तर की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वरिष्ठ यूरोलाॅजिस्ट डा. मधुसूदन अग्रवाल ने कहा कि अभी हमारे सामने लक्ष्य और बडा है। अगले दो वर्ष में हमें पूर्ण एनएबीएच मान्यता हासिल करनी है। आईसीयू प्रभारी डा. वंदना कालरा ने इस सफलता का श्रेय संस्थान के समस्त कर्मचारियों को दिया। संचालन डा. राजीव लोचन शर्मा ने किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक डा. प्रेमाशीर्ष मजूमदार, डा. निहारिका मल्होत्रा, डा. ऋषभ बोरा, डा. केशव मल्होत्रा, डा. हेमंत गोयल, डा. विश्वदीपक, डा. हिमांशु यादव, डा. शैमी बंसल, ग्लाइडिन जाॅर्ज, महाप्रबंधक, राकेश आहूजा, तरूण मैनी, लवकेश गौतम, हिमांशु खरे, केशवेंद्र सिसौदिया, जगमोहन गोयल, विश्वदीपक, नवनीत, मनोज सिंह, सचिन शर्मा आदि मौजूद थे।

ये देखे मानक
– हाइजीन
– हरियाली
– ओपीडी मैनेजमेंट
– पेशेंट की स्थिति
– तीमारदारों के साथ व्यवहार
क्या है एनएबीएच ?
क्वालिटी काउंसिल आॅफ इंडिया ने एनएबीएच बनाया है। यह बोर्ड अस्पतालों के लिए स्टैंडर्ड तय कर उनका मूल्यांकन करता और इसके बाद सर्टिफिकेट जारी करता है। सबसे पहले एंट्री लेवल, इसके बाद प्रोग्रेसिव और बाद में फाइनल सर्टिफिकेट दिया जाता है। अस्पतालों में पेशेंट केयर, साफ-सफाई, संक्रमण की रोकथाम, डिस्प्ले बोर्ड, मानव संसाधन, इलेक्ट्राॅनिक रिकाॅर्ड कीपिंग, वेटिंग ऐरिया, माॅड्यूलर ओटी, सभी प्रोटोकाॅल का पालन जैसी व्यवस्थाएं होना जरूरी हैं।