आगरालीक्स.. आगरा में अब आपका बिजली का बिल गर्मी में पसीने निकाल देगा, अभी सर्दी हैं इसलिए बिल कम आ रहा है लेकिन गर्मी आते ही बिल एक से दो हजार रुपये तक बढ जाएगा। डीवीवीएनएल के एमडी एसके वर्मा के अनुसार, शहरी क्षेत्र के लिए नई बिजली की दर घोषित कर दी गईं हैं।
शहरी कामर्शियल बिजली की दरें
1.फिक्स्ड चार्ज प्रतिमाह प्रति किवा
@300/ (2 किवा तक)
@350/ (2 किवा से ऊपर एवं 4 किवा तक)
@350/ (4 किवा से )
2. इलेक्ट्रिसिटी चार्ज प्रति यूनिट
@7.00/ (300 यूनिट तक)
@8.00/ (301 से 1000 यूनिट तक
@8.30/ (1001 से ऊपर)
3. विद्युत कर 7.5%
4. रेगुलेरेट्री सर चार्ज 4.28%
5. न्यूतम मासिक बिल
माह अप्रैल से सिंतबर तक @575/ प्रति किवा प्रति माह
माह अक्टूबर से मार्च तक @425/ प्रति किवा प्रति माह
4 अगस्त को हुई कार्रवाई
4 अगस्त 2017 को.आगरा में फर्जी बैंक गारंटी से 60 करोड का बिजली विभाग में ठेका लेने का खुलासा हुआ है। ठेकेदार ने शातिर तरीके से जून में फर्जी दस्तावेज तैयार कर डीवीवीएनएल में बैंक गारंटी दी, इस मामले में डीवीवीएनएल द्वारा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
डीवीवीएनएल द्वारा बिजली के कामों के लिए ठेके दिए गए थे, इटावा और झांसी में बिजली का काम करने के लिए इटावा निवासी विकास शर्मा की मै. चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी को ठेका दिया गया था, इसके लिए 37 जून में एक्सिस बैंक के दस्तावेजों के आधार पर 6 50 करोड की बैंक गारंटी दी, इसकी जांच कराई गई तो एक्सिस बैंक ने इसे फर्जी बताया। डीवीवीएनएल के एमडी एसके वर्मा द्वारा कंपनी पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
29 जुलाई को चेयरमैन ने तीन कंपनी की ब्लैक लिस्टेड
आगरा में बिजली विभाग ने बडी कार्रवाई करते हुए तीन कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इन तीनों कंपनियों को एक साल तक प्रदेश में बिजली विभाग का कोई काम नहीं मिलेगा। शनिवार को आगरा के डीवीवीएनएल कार्यालय में उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन आलोक कुमार ने कार्य में शिथिलता बरतने पर प्रदेश की तीन कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इटावा की मैसर्स चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी, गाजियाबाद की मै. पावर लाइन और आगरा की मै. महालक्ष्मी इंफ्रापॉवर को अगले एक साल तक के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इनसे कोई व्यापारिक कार्य नहीं लिया जाएगा।
इस दौरान इटावा की मै. चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा झांसी में किए जा रहे कार्यों में लापरवाही उजागर हुई। कंपनी द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य काफी धीमी गति से किए जा रहे थे। इसी प्रकार डीडीयेजीजेवाई-आई नवीन योजना के अंतर्गत गाजियाबाद की मै. पावर लाइन द्वारा झांसी में ही 33/11 केवी नवीन उपकेंद्र (रेवन) के निर्माण कार्यों में लापरवाही बरती जा रही थी।
विजन-16 के अंतर्गत कार्यरत आगरा की संस्था मै. महालक्ष्मी इंफ्रापॉवर लि. द्वारा ललितपुर में 33/11 केवी नवीन उपकेंद्रों के निर्माण के कार्यों में गड़बड़ी की जा रही थी। चेयरमैन ने इन तीनों कंपनियों को एक साल के लिए नई निविदा में भाग लेने के लिए व्यापार निषिद्ध करने का आदेश दिया है।
इस दौरान डीडीयूजीजेवाई-आई (पूर्ववर्ती आरजीजीवीवाई) 12वीं योजना के अंतर्गत कार्यरत कानपुर की कार्यदायी संस्था मै. एसपीबीएल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के शिथिल कार्य एवं संपूर्ण सिक्योरिटी जमा नहीं करने पर कंपनी से काम छीन लेने को कहा है। कंपनी द्वारा जनपद हमीरपुर, कानपुर नगर एवं कानपुर देहात में ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए किए गए अनुबंध को शार्ट क्लोज करते हुए शेष कार्य को नई निविदा के माध्यम से कराने का निर्देश दिया है।