आगरालीक्स.. आगरा में अन्ना हजारे ने कहा कि जनलोकपाल के आंदोलन से किसी और को केजरीवाल नहीं बनने दूंगा, न मोदी चाहिए न राहुल। इन दोनों के दिमाग में उद्योगपति बसे हैं। हमें ये दोनों नहीं चाहिए। हमे ऐसी सरकार चाहिए जिसके दिमाग में उद्योगपति नहीं किसान हो।
मंगलवार को आगरा के शहीद स्मारक में समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सभा में कहा कि
आजादी के 70 साल बीत गए लेकिन कहां है वह लोकतंत्र जो जो लोगों का है। 22 साल में 12 लाख लोगों ने आत्महत्या की। लोग खाने के लिए जी रहे हैं। क्या-क्या खाएं इसलिए जी रहे हैं। अपने गांव की मिसाल देते हुए कहा कि आर्थिक सामाजिक क्षेत्र में गांव में हुए परिवर्तन माल खाए मदारी और नाच करे बंदर। किसान की हालत ऐसी हो गई है कि किसान के पास झोपड़े नहीं और घर भर रहे हैं दूसरों के।
मैने सोचा था आत्महत्या कर लूं
सभा में अन्ना हजारे ने कहा कि 25 साल की उम्र में मैने आत्महत्या की सोच ली फिर विवेकानंद की किताब मिली और जिंदगी बदल गई। फिर मैंने गांव, समाज और देश की सेवा का संकल्प लिया। इसलिए मैंने व्रत लिया कि शादी नहीं करना है। 45 साल हो गए घर गए हुए।
मंदिर में रहता हूं
मेरे भाई के बच्चों का नाम क्या है मुझे पता नही। मेरे बैंक एकाउंट की किताब कहां रखी है मुझे पता नहीं। मंदिर में रहता हूं और सोने को बिस्तर व खाने को एक प्लेट है। लेकिन, जीवन में जो आनंद है वो लखपति करोड़पति के पास भी नहीं। प्रकृति का दोहन करके विकास नहीं विनाश होगा।
23 मार्च को दिल्ली में जनसभा
अन्ना हजारे ने कहा कि 23 मार्च को दिल्ली में जनसभा करुंगा, इसके लिए देश भर में सभा की जा रही हैं, आंदोलन से लोगों को जोडने का काम किया जा रहा है। अब जेल जाने का समय आ गया है।