
आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि में हिंदी पर कार्यशाला चल रही है। रविवार को कार्यशाला का समापन था, समापन समारोह में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री शांता कुमार और विशिष्ट अतिथि आगरा के सांसद केंद्रीय मंत्री डॉ राम शंकर कठेरिया को आमंत्रित किया गया था। ये दोनों की भाजपा के हैं, एनएसयूआई के पदाधिकारी इनका विरोध कर रहे थे और समारोह में शामिल होने पर अंडे और टमाटर फेंकने की चेतावनी दी थी। इसे देखते हुए विवि के पालीवाल परिसर में पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू हो गया, केंद्रीय मंत्री शहर से बाहर होने के चलते कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। दोपहर एक बजे एनएसयूआई के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जुबली हॉल के गेट तक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें रोका तो लाइब्रेरी के सामने धरने पर बैठ गए। दोबार वे जुबली हॉल के गेट तक पहुंचे और समारोह में जाने के लिए पुलिस से भिड गए। पुलिस ने उन्हें जीप में बिठा लिया और हरीपर्वत थाने ले आई।
आजादी मिली तो हिंदी गुलाम हो गई
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि जब हम गुलाम थे और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हिंदी आजाद हो गई, उत्तर से दक्षिण तक हिंदी को राष्ट्र भाषा माना गया। लेकिन जब हमें स्वतंत्रता मिली तो हिंदी गुलाम हो चुकी है। हमारे देश में न हिंदी में सोचते हैं, न बोलते हैं और न ही लिखते हैं। इससे समस्या बढती जा रही है। उन्होंने कहा कि हिंदी कार्यशाला के जो निष्कर्ष सामने आएंगे, उन्हें वे खुद पीएम नरेंद्र मोदी तक पहुंचाएंगे जिससे उन पर अमल किया जा सके और सरकारी काम काज ही नहीं, हिंदी रोजगार का साधन भी बने।
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