
आगरा के ताजमहल के पास ताजगंज के गांव करबना में किसान भूरी सिंह ने 3 बीघा खेत में गेंहू की फसल की थी। बारिश और ओला पडने से फसल बर्बाद हो गई। इसके बाद भी भूरी सिंह ने हिम्मत नहीं हारी, उसने पफसल की कटाई कराई, इसके बाद जब थ्रेशर से गेंहू निकले तो वह सन्न रह गया। तीना बीघा खेत में सिर्फ छह कुंतल गेंहू की पैदावर हुई। इसमें से साढे चार कुंतल गेंहू मजदूरों को देने पडे, अब उसके पास डेढ कुंतल गेंहू थे। वहीं, गांव के लोगों और बैंक से करीब दो लाख का कर्ज था। गुरुवार दोपहर में भूरी सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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