आगरालीक्स.. आगरा में यमुना को स्कॉटलैंड की बडी कारोबारी पूनम गुप्ता क्लीन टेक्नोलॉजी की मदद से प्रदूषण मुक्त कराएंगी। उन्होंने पिछले चार साल से ज्यादा समय से आगरा में चल रहे रिवर कनेक्ट कैंपेन की मुहिम का समर्थन करते हुए स्कॉटलैंड की कारोबारी पूनम गुप्ता ने यमुना नदी को शुद्ध करने के प्रयासों को गति देने के लिए क्लीन टेक्नोलॉजी मुहैय्या कराने का फैसला किया है। रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक ब्रज खंडेलवाल ने बताया की पूनम गुप्ता को यमुना से बेहद लगाव है और वो अगले कुछ महीनों में भारत की नदियों की सफाई एवं शुद्धिकरण की योजना पर कार्यक्रम शुरू करने वाली हैं। पूनम ने कहा है कि वो नवंबर में फिर आगरा आएंगी ताकि यमुना शुद्धिकरण की दिशा में की जाने वाली कोशिशों की रुपरेखा बनाई जा सके।
पेपर क्वीन के नाम से है पहचान
स्कॉटलैंड की जानी मानी कारोबारी और पूरी दुनिया में ‘पेपर क्वीन’ के नाम से मशहूर पूनम गुप्ता अब यमुना की सफाई के लिए आगे आना चाहती हैं। भारत में नदियों के संरक्षण और भूमिगत जल की सफाई के क्षेत्र में उतर रही पूनम का कहना है कि वो अगले पांच साल में यमुना को साफ करने की दिशा में बड़ा काम करना चाहती हैं। पूनन ने कहा, ” गंगा, यमुना और ताजमहल भारत की पहचान है। गंगा के संरक्षण के लिए काफी काम सरकार कर रही है। ताजमहल के संरक्षण के लिए भी सुप्रीम कोर्ट लगातार निर्देश दे रहा है लेकिन यमुना उपेक्षित महसूस होती है। मैं दिल्ली की रहने वाली हूं। जिंदगी के शुरुआती 25 साल मैंने दिल्ली में ही गुजारे हैं और अब जब मैं नदियों और भूमिगत पानी को साफ करने की टेक्नोलॉजी लेकर भारत आ रही हूं तो मेरी प्राथमिकता में यमुना बहुत ऊपर है।”
पूनम गुप्ता पानी की सफाई के बाबत अपनी नई टेक्नोलॉजी को लेकर उत्साहित हैं। इस दिशा में हरियाणा सरकार से उनका समझौता हो चुका है। वह कहती हैं, “खट्टर सरकार ने हमें काम करने के लिए न केवल प्रोत्साहित किया बल्कि काफी सुविधाएं भी मुहैया कराई हैं। हरियाणा के बाद अब हम उत्तर प्रदेश समेत कई राज्य सरकारों से इसी तरह की मदद चाहते हैं ताकि पानी को साफ किया किया जा सके और नदियों को बचाया जा सके।”
आगरा में कुछ देर रुकीं
पूनम बहुत छोटी यात्रा पर आगरा पहुंची थीं। स्कॉटलैंड में पीजी पेपर्स की सीईओ पूनम गुप्ता भारत और स्कॉटलैंड के बीच कारोबारी संबंध बढ़ाने की कोशिश में एक लघु प्रतिनिधिमंडल लेकर भारत आई थीं। इस कड़ी में उन्होंने नितिन गड़करी और पीयूष गोयल समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की। पूनम बताती हैं, “अब हम पूर्ण प्रतिनिधिनमंडल लेकर नवंबर में आएंगे। मुझे लगता है कि भारत और स्कॉटलैंड के बीच कारोबार की असीम संभावनाएं हैं, जिन्हें अभी टटोला नहीं आया। सभी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने हमें आश्वासन दिया है कि वह दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।”
पूनम गुप्ता स्कॉटलैंड में एक फिल्म सिटी भी निर्माण की दिशा में भी प्रयासरत हैं ताकि बॉलीवुड की फिल्मों की शूटिंग वहां की जा सके। पूनम कहती हैं, “बॉलीवुड जिस तरह बढ़ रहा है, उसमें स्कॉटलैंड उसे शूटिंग की कई बेहतरीन जगह उपलब्ध करा सकता है और इसी दिशा में हम कोशिश कर रहे हैं। मुझे कई बार अफसोस होता है कि ताजमहल जैसी कोई इमारत स्कॉटलैंड के पास नहीं है लेकिन फिर भी हम ऐसी लोकेशन भारतीय निर्माताओं को उपलब्ध करा सकते हैं, जो अभी तक बड़े पर्दे पर देखी नहीं गईं।”
पूनम कई नए भारतीय स्टार्टअप्स में भी भागीदार हैं। वह 2002 में भारत से स्कॉटलैंड गई थीं, जहां एक कमरे से शुरु की गई उनकी पीजी पेपर्स अब दुनिया की सबसे बड़ी पेपर कंपनियों में शुमार हो चुकी है। 2017 में उन्हें ब्रिटिश सरकार ने कारोबार और चैरिटी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर यानी ओबीई नियुक्त किया है। 2015 और 2017 में पूनम और उनके पति एशियाई हथियों के संरक्षण के लिए मदद जुटाने के लिए राजस्थान में एक ऑटो रिक्शा रेस का आयोजन कर चुके हैं। पूनम कहती हैं, चैरिटी के इस तरह के कार्यक्रमों से काफी रकम जुटाई जा सकती है और अब मैं योजना बना रही हूं कि यमुना की बदहाली पर देश का ध्यान आकर्षित करने और उसके लिए मदद जुटाने के लिए कोई ऐसा ही चैरिटी कार्यक्रम आयोजित करूं।