आगरालीक्स..श्राद्ध पक्ष कल से, चंदग्रहण भी कल. जानिए कितने बजे शुरू होगा चंदग्रहण और कितने बजे से लग जाएगा सूतक काल…श्राद्ध कैसे और कब करें ये भी जानें
भाद्रपद की पूर्णिमा को इस बार चंदग्रहण का साया है. इसी पूर्णिमा से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है. ग्रहण को वैदिक ज्योतिष में एक संवेदनशील और शक्तिशाली काल माना गया है, जिसका प्रभाव धार्मिक क्रियाकलापों और ऊर्जा प्रवाह पर भी देखा जाता है. वहीं हिंदू धर्म में पितरों की आराधना को भी महत्व माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि पितर हमारे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. हर साल भाद्रपद की पूर्णिमा से अश्विन मास की अमावस्या तक 16 दिनों का यह काल पितरों को समर्पित् होता है. इस वर्ष पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर 2025 को पूर्णिमा तिथि से हो रही है और इसका समापन 21 सितंबर 2025 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा.पूर्णिमा को भारत में दिखेगा चंदग्रहण
इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत एक खास खगोलीय घटना के साथ हो रही है. साल का अंतिम चंदग्रहण भी ठीक उसी दिन पड़ रहा है यानी 7 सितंबर को. यह एक पूर्ण चंदग्रहण होगा जो भारत सहित कई देशों में साफ दिखाई देगा. ऐसे में यह संयोग धार्मिक, ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अतयंत महत्वपूर्ण बन गया है.
जानिए चंदग्रहण और सूतक की टाइमिंग
चंदग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट से एक बजकर 26 मिनट तक चलेगा. इससे पहले दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर सूतककाल शरू हो जाएगा. यह ग्रहण समाप्त होने पर खत्म होगा. बता दें कि ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतककाल लग जाता है.
सूतक काल 7 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से शुरू हो जाएगा. इस अवधि में पूजा पाठ, भोजन, शुभ कार्य और श्राद्ध कर्म वर्जित माने जाते हैं. वहीं पितृ श्राद्ध और तर्पण के लिए दिन का विशेष समय माना जाता है जिसे कुतुप काल कहा जाता है. इस बार पूर्णिमा का श्राद्ध या तर्पण का सबसे उत्तम समय दोपहर 12 बजकर 44 बजे तक का ही होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल शुरू होने से पहले अगर श्रद्धा ओर विधिपूर्वक श्राद्ध कर लिया जाए तो वह पूर्ण रूप से मान्य और फलदाय होता है.