आगरालीक्स…आगरा में यमुना का रौद्र रूप. बटेश्वर मंदिर में भी पहुंचा यमुना का पानी. 500 फीट के करीब जलस्तर…देखें फोटोज
आगरा में यमुना नदी का उफान कम होने की जगह लगातार बढ़ रहा है. आज शाम पांच बजे यमुना नदी का जलस्तर 499.13 फीट पहुंच गया है जो कि 500 फीट के बेहद करीब है. यमुना का पानी अब आसपास की जगहों को भी कवर करने लगा है. बटेश्वर मंदिर में भी यमुना का पानी पहुंच गया है. यमुना नदी में आए उफान में बाह के 35 गांवों के तराई के खेतों में बाजरा, तिल और सब्जियों की फसल डूबने से ग्रामीण किसान परेशान हैं .बटेश्वर के ब्रह्मलाल जी मंदिर में पानी घुस गया है. मंदिर में पानी के प्रवेश की सूचना पर श्रद्धालु नजारा देखने के लिए मंदिर में जुटे रहे. छोटे तिवारी घाट पर निचले हिस्से के मंदिर का आधा हिस्सा डूब गया है. 2 और मंदिरों में पानी भर गया है. सेल्फी प्वाइंट डूबा हुआ है.
यमुना नदी उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में यमुनौत्री से निकलती है, जो कि उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा की सीमा के सहारे सहारनपुर जिले के फैजाबाद गांव से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है, प्रयागराज मे गंगा में विलय हो जाती है. जिसके बीच में अनेकों सहायक नदियों भी यमुना नदी में मिलती है।हाडी क्षेत्रों में हो रही अत्यधिक वर्षा के कारण हथिनीकुण्ड बैराज, सहरानपुर का का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है तथा जिसके कारण इसी बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी कमी मात्रा में काफी वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त यमुना नदी का जल स्तर जल संस्थान, आगरा में लगातार बढ़ रहा है।
इन कॉलोनी और गांवों को खतरासदर तहसील में यमुना नदी के लो फ्लड पर प्रभावित होने वाले ग्राम तनौरा, नूरपुर, मेहरा नाहगंज, विसारना, कैलाश, स्वामी बाग, फतेहाबाद तहसील में ग्राम-भरापुर, बमरौली, इंदौन, मडायना, मेलीकलॉ, गुडा, मेवली खुर्द, हिमायूपुर है। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने वाले सम्भावित शहरी क्षेत्र नगला बूढ़ी, अमर विहार दयालबाग,मोतीमहल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती।

मीडियम फ्लड लेविल प्रभावित होने वाले ग्राम तहसील सदर में बुर्ज, नगला छीतर सिंह, मेहरा नाहरगंज, महल बादशाही, नगला तल्फी, नगल पैमा, तहसील फतेहाबाद में शाहिदपुर, वीरपुरा, बेहड़, पारौली सिकरवार, बिचौला, गिदौन, तहसील एत्मादपुर में नगला धीमर, बढ़नुपरा, रहनकलां, नगला कटा आदि है।
सदर तहसील में यमुना नदी से तहसील के अन्तर्गत ठार आश्रम मौजा मेहरा नाहरगंज में 40 परिवार बाढ़ से प्रभावित है, जिनको सम्बन्धित बाढ़ शरणांलय में विस्थापित कर दिया गया है। बाढ़ शरणांलय में रहने वाले व्यक्तियों को तीनों समय पर भोजन आवश्यक व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है।