आगरालीक्स(01st September 2021 Agra News)… वायरल और डेंगू बुखार में घट रही प्लेटलेट्स. आगरा में जंबो पैक प्लेटलेट्स की डिमांड बढ़ी. मरीजों को बचाने के लिए नहीं मिल रहे डोनर.
वायरल और डेंगू के मरीज बढ़े
आगरा और आसपास के शहरों में वायरल बुखार बढ़ता जा रहा है। डेंगू के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। फिरोजाबाद, मथुरा, कासगंज से भी मरीज आगरा आ रहे हैं। ऐसे में आगरा में जंबो पैक प्लेटलेट्स की डिमांड की बढ़ती जा रही है। लेकिन इनके डोनर नहीं मिल रहे हैं। इस कारण मरीजों और तीमारदार परेशान हो रहे हैं।

रोजाना आ रहे 30 से 40 तीमादार
कमला नगर स्थित लोकहितम ब्लड बैंक के निदेशक अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि ब्लड बैंक में एकदम से ही जंबो पैक प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई। रोजाना 30 से 40 तीमारदार आते हैं। सभी को जंबो पैक चाहिए होता है। कोशिश रहती है कि सभी को जंबो पैक उपलब्ध हो जाएं, लेकिन डोनर नहीं मिलने के कारण इनमें से कुछ को मायूस होकर लौटना पड़ता है। जबकि कुछ तीमारदार अपने साथ डोनर को लेकर आते हैं। उन्होंने बताया कि आगरा की ब्लड बैंकों की बात करें तो यह आंकड़ा 150 के पार है।
आसपास के शहरों से भी आ रहे लोग
रक्तदान के क्षेत्र में काम कर रहे एडवोकेट रोहित अग्रवाल ने बताया कि उनके पास आगरा के अलावा फिरोजाबाद, कासगंज, मथुरा, सिरसागंज तक के मरीजों की इनक्वायरी आती है। सभी को जंबो पैक की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि मानकों के अनुरूप हेल्दी व्यक्ति में डेढ़ लाख से अधिक प्लेटलेट्स होती हैं। जबकि स्टैंडर्ड मानकों के अनुसार, दो लाख से अधिक प्लेटलेट्स होनी चाहिए। तभी व्यक्ति जंबो पैक प्लेटलेट्स दे सकता है।
हर 15 दिन में प्लेटलेट्स कर सकते हैं डोनेट
रोहित अग्रवाल ने बताया कि प्लेटलेट्स घटने के बाद लाइव प्लेटलेट्स डोनेशन होता है। यह पूर्ण सुरक्षित है। इसमें शरीर में बिल्कुल भी कमजोरी नहीं आती। प्लेटलेट्स डोनेशन प्रत्येक 15 दिन बाद और वर्ष में अधिकतम 24 बार कर सकते हैं। विशेष बात यह है कि इस प्रोसेस में उसी ब्लड ग्रुप के डोनर की आवश्यकता होती है, जो ब्लड ग्रुप मरीज का होता है। उन्होंने बताया कि टीम निरंतर इस समस्या से निपटने के लिए स्वेच्छिक रक्तदाताओं के माध्यम से दिन—रात कार्य भी कर रही है। उन्होंने बताया कि विगत एक हफ्ते से लगातार दर्जनों केसेस प्लेटलेट्स आवश्यकता के लिए आ चुके हैं।
मरीज की मौत तक हो जाती है
फिजिशियन डॉ. सौरभ उपमन्यु ने बताया कि एक स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर मे औसतन 1.5 लाख से अधिक प्लेटलेट्स होनी चाहिए, लेकिन डेंगू से पीड़ित मरीज में प्लेटलेट्स बहुत कम हो जाती हैं। इके चलते पीड़ित मरीज की मृत्यु भी हो जाती है।